हैचबैक कार क्या होता है। What are Hatchback Cars

हमें जब कभी भी कोई कार लेनी होती है। तो हम सबसे पहले अपना बजट देखते हैं। फिर हम यह डिसाइड करते हैं कि हमारे बजट में कौन कौन सी कारें मार्केट में उपलब्ध है।

अगर हमारा बजट 6 लाख का होता है। तो हम 6 लाख के अंदर आने वाली गाड़ियों को खरीदने के बारे में सोचते हैं।

वहीं अगर हमारा बजट 8 लाख तक का होता है। तो हम प्रायः सारी 8 लाख तक में आने वाली गाड़ियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। जैसे गाड़ी की डिजाइन, उसकी परफॉर्मेंस, माइलेज, रीसेल वैल्यू, सर्विस कॉस्ट आदि।

हम कार खरीदते वक्त यह भी नहीं जानते हैं कि हम जो कार खरीद रहें हैं। वह actually में एक एसयूवी है, एक सेडान है, क्रॉसओवर है या फिर एक hatchback है।

पर क्या आप जानते हैं कि कार कंपनियां अपने कस्टमर्स के लिए तरह तरह की कारें बनाती है। कुछ सड़कों पर चलाने के लिए बनाई जाती है। तो वहीं कुछ खराब, पथरीली और कच्चे पक्के रास्तों पर चलाने के लिए बनाई जाती है। कुछ कम कीमत वाली होती है। तो वहीं कुछ महंगी भी होती है।

Hatchback Cars

आज इस आर्टिकल में हम जिस कार कैटेगरी के बारे में जानने वाले हैं। उसका नाम है Hatchback

हमारे देश में सबसे अधिक डिमांड हैचबैक कारों की है। वो इसलिए क्योंकि हैचबैक कारें बाकि कारों जैसे कि एसयूवी, क्रॉसओवर, सेडान आदि की तुलना में सस्ती होती है।

साथ ही हैचबैक कारों की मेंटेनेंस कॉस्ट भी सेडान, एसयूवी से कम होती है। ये बहुत ही आसानी से कम जगह में भी आसानी से पार्क हो जाती है। यही कारण है कि इसे बहुत से लोग काफी ज्यादा संख्या में खरीदना पसन्द करते हैं।


हैचबैक कार क्या होता है? (What are Hatchback Cars in Hindi)

Hatchback कार सबसे छोटे आकार की कार होती है। जिसकी बॉडी पिछले वाले पहियों तक ही सीमित होती है। और जिसमें सामान रखने के लिए कोई extra space नहीं होता है। उसे एक Hatchback कार कहते हैं। यह कारें 3 से 10 लाख रुपए तक में मिल जाती है।

हैचबैक कारें तीन प्रकार की होती है। जो 800 सीसी या इससे कम पॉवर की होती है। उसे एंट्री लेवल हैचबैक कहते हैं। जो 1000-1200 सीसी की होती है। उसे मीड लेवल सेगमेंट वहीं 1200-1500 सीसी वाली कार को प्रीमियम hatchback कार कहते हैं। जो कि महंगी होती है।

अगर हैचबैक कार के सामान रखने वाली जगह की बात करें। जिसे कि boot space कहते हैं। तो यह 214 से 300 लीटर तक के आसपास की होती है। वहीं प्रीमियम हैचबैक कार में यह 350 लीटर तक का भी होता है।

कुछ हैचबैक कारों में पीछे वाली सीट को फोल्ड करने की भी सुविधा दी जाती है। इससे गाड़ी के boot space में काफी ज्यादा स्पेस मिल जाती है। इससे गाड़ी में ज्यादा से ज्यादा सामान को भरकर ट्रैवल किया जा सकता है।

अगर कार के आकार की बात करें। तो इसकी लंबाई 3394 से 3600 MM तक की होती है। वहीं इसकी चौड़ाई 1450 से 1500 MM की होती है। वहीं ground clearance 180 MM तक का भी होता है। इसमें एक साथ चार लोग आसानी से बैठकर ट्रैवल कर सकते हैं।

जो 3 से 3.5 लाख तक की हैचबैक कारें होती है। उसमें ज्यादा सेफ्टी फीचर्स नहीं मिल पाती है। वहीं अगर आप इससे ऊपर 7 से 10 लाख तक की हैचबैक कारों की तरफ जाते हैं। तो आपको काफी ज्यादा संख्या में सेफ्टी फीचर्स मिल जाती है। जैसे dual airbags, ABS, EBD, Rear Sensors, height-adjustable seats आदि।


भारत में मिलने वाली कुछ हैचबैक कारें (Some Hatchback Cars in India)

  1. Maruti Suzuki Alto
  2. Maruti Suzuki Swift
  3. Maruti Suzuki Grand i10 Nios
  4. Hyundai i20
  5. Tata Tiago
  6. Tata Altroz
  7. Maruti Suzuki Ignis
  8. Maruti Suzuki Celerio
  9. Hyundai Santro
  10. Renault Kwid

इसके साथ साथ Maruti Suzuki Wagon R, Figo, Volkswagen Polo जैसी कारें मिल जाती है। 

Tata Tiago


Hatchback कार लेने के क्या फायदे हैं?

Looks: हैचबैक कारें दिखने में एक सेडान कार के जैसे ही होती है। लेकिन इसकी साइज और boot space एक सेडान कार की तुलना में थोड़ी कम होती है।

Handling: आपको बहुत से हैचबैक कारों में height adjustable स्टेयरिंग मिल जाती है। जिसकी मदद से आप अपने हिसाब से steering को आगे पीछे या फिर ऊपर नीचे आसानी से adjust कर सकते हैं।

Fuel Efficiency: चूंकि हैचबैक कारें SUVs और सेडान कारों से छोटी होती है। इनके इंजिन भी ज्यादा पॉवरफुल नहीं होती है। इनका वजन भी ज्यादा नहीं होता है। इसके चलते इसमें fuel efficiency काफी अच्छी होती है।

Resale Value: आपको हैचबैक कारों की रीसेल वैल्यू अच्छी मिल जाती है। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस कंपनी की कौन से मॉडल की कार को बेच रहे हैं। सभी कंपनियों की कारों की resale वैल्यू अलग अलग होती है। किसी की कम तो किसी की ज्यादा होती है।

Safety Features: सेफ्टी के मामले में कुछ हैचबैक कारें सेडान कारों को भी टक्कर दे देती है। इन कारों में आपको रियर कैमरा, रियर पार्किंग सेंसर्स, Anti Lock Braking System (ABS), Electronic Brake Distribution (EBD), adjustable Head Rest, Power Window, Hill Start आदि जैसे कई सारे फीचर्स मिल जाती है।



निष्कर्ष
Hatchback कार एक छोटे आकार की कार होती है। जिसमें दो कतारों में पैसेंजर्स के बैठने की सुविधा होती है। इसमें सामान रखने के लिए ज्यादा जगह नहीं होती है। यह 800-1500 सीसी तक की इंजिन पॉवर में मिलती है।

भारत में सबसे ज्यादा संख्या में लोग hatchback कारों को खरीदना पसंद करते हैं। यह कीमत में तो सस्ती होती ही है। इसके साथ साथ इसकी मेंटेनेंस में भी कम खर्च आता है। इसमें fuel efficiency भी बाकि कारों की तुलना में कम होती है। इसके अलावा इसमें सेफ्टी फीचर्स और इसकी resale value भी काफी अच्छी मिल जाती है।

इस आर्टिकल में हमनें Hatchback Car क्या होता है? के बारे में जानकारी प्राप्त की। आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं।
धन्यवाद।

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