Four Wheel Drive और All Wheel Drive क्या है? दोनों में क्या अंतर है

Four Wheel Drive (4WD) और All Wheel Drive (AWD) क्या है? हम आए दिन अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के कामों को पूरा करने के लिए वाहनों का उपयोग करते हैं। सड़कों पर तरह तरह की गाड़ियों को चलते हुए देखते हैं।

हम में से बहुतों के घरों में भी चार पहिया वाहन देखने को मिल जाती है। वहीं आप में से बहुतों ने तो इन वाहनों को चलाया भी होगा। अपने कामों को पूरा करने के लिए इन वाहनों को उपयोग में लाया होगा।

पर क्या आप Four Wheel Drive और All Wheel Drive के वाहनों के बारे में जानते हैं? अगर नहीं तो हम आपको बता दें कि आज हम जो भी चार पहिया वाहन देखते हैं। वे सामान्यता 4WD और AWD वाली ही होते हैं।

बहुत से लोगों में यह अवधारणा रहती है कि Four Wheel Drive और all-wheel-drive वाली गाड़ियां एक ही होती है। क्योंकि इन दोनों प्रकार की गाड़ियों में इंजिन की पॉवर गाड़ी के चारों पहियों में सामान्य रूप से पहुंचती है। और यह सही भी है। लेकिन फिर भी ये अलग अलग होते हैं।

Four Wheel Drive aur All Wheel Drive kya hai

इस आर्टिकल में हम इन्हीं दो (4WD और AWD) की गाड़ियों के बारे में जानेंगे। इस पोस्ट में हम Four Wheel Drive और All Wheel Drive क्या है? दोनों में क्या अंतर है? दोनों किस तरह से अलग होती है? आदि सभी के बारे में जानेंगे। हम कोशिश करेंगे कि आपको ये दो term आसान और कम टेक्निकल भाषा में समझा सकें।


All Wheel Drive क्या है? ( What is AWD in Hindi)

All Wheel Drive के वाहनों में इंजिन का पॉवर वाहन के चारों पहियों में एक साथ supply होता है। इन वाहनों में दो डिफरेंशियल और एक ट्रांसफर case लगा हुआ होता है। इसमें इंजिन का पॉवर ट्रांसफर केस से होते हुए आगे और पीछे के डिफरेंशियल में सामान्य रूप से डिस्ट्रीब्यूट हो जाता है। 

All Wheel Drive
All Wheel Drive


AWD वाली गाड़ियों में इंजिन का पॉवर आगे के दो पहियों और पीछे की दो पहियों में ट्रांसफर case की मदद से दोनों   डिफरेंशियल में 50%-50% में बट जाती है। जिससे कि गाड़ी के चारों टायर एक साथ मूव करते हैं। इसमें इंजिन के पॉवर को अपने हिसाब से कंट्रोल नहीं किया जा सकता है।


All Wheel Drive के क्या फायदे हैं?

जो All Wheel Drive के वाहन होते हैं। वे पूरी तरह से ऑनरोड चलाने के लिए डिज़ाइन की हुई होती है। क्योंकि इनमें गाड़ी के चारों पहियों को एक साथ पॉवर सप्लाई हो रही होती है। ये रोड पर बहुत ज्यादा stable रहती है।

AWD वाले वाहनों में इंजिन के पॉवर को हम अपने हिसाब से कंट्रोल नहीं कर सकते हैं। इसमें वाहन के चारों पहिए एक ही रफ्तार में लगातार घूमते हैं। इसमें लगे सेंसर्स खुद ही डिसाइड करते हैं कि कब और किन परिस्थितियों में गाड़ी के पहियों में पॉवर सप्लाई करनी है और कब नहीं।

AWD की गाड़ियों में आप थोड़ी बहुत off-roading कर सकते हैं। लेकिन यह मुख्य तौर पर रोड पर चलने के लिए बनाई गई होती है। हालांकि इस प्रकार की गाड़ियों में लगे सेंसर्स पहियों के फंसने के दौरान अपने आप ही फंसे हुए पहियों में ज्यादा पॉवर सप्लाई करती है। 


Four Wheel Drive क्या है? (What is 4WD in Hindi)

Four Wheel Drive के वाहनों में भी इंजिन का पॉवर वाहन के चारों पहियों में सप्लाई होता है। इन वाहनों में आप ट्रांसफर case को अपने हिसाब से कंट्रोल कर सकते हैं। इसकी मदद से आप अपने वाहन को जब चाहें तब Two Wheel Drive (4X2) और Four Wheel Drive (4X4) में चला सकते हैं। ऐसा आप वाहन में लगे एक स्विच की मदद से कर सकते हैं। 

Four Wheel Drive
Four Wheel Drive


इन वाहनों में भी एक ट्रांसफर case और दो डिफरेंशियल लगे हुए होते हैं। 4WD सिस्टम बड़ी बड़ी SUVs और ट्रकों में दिया जाता है जिससे बेहतर off-roading की जा सकें।


Four Wheel Drive के क्या फायदे हैं?

Four Wheel Drive सिस्टम ऑफ रोडिंग के लिए बनाई होती है। 4WD वाली गाड़ियों को आप उबड़ खाबड़, कच्चे पक्के रास्तों, पहाड़ी इलाकों, समतल जगहों आदि पर भी आसानी से चला सकते हैं। 

इसमें एक ऐसा स्वीच दिया जाता है। जिससे कि आप इन गाड़ियों को 4WD और 2WD दोनों में चला सकते हैं। आप रोड पर इसे 2WD में और पहाड़ी इलाकों पर इसे 4WD या फिर जरूरत के हिसाब से आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं।

जैसे अगर आपकी गाड़ी के आगे के दो टायर फंसते हैं। तो आप इंजिन की सारी पॉवर को गाड़ी के पीछे के दो पहियों में दिए गए स्वीच की मदद से भेज सकते हैं। 


4WD और AWD में क्या अंतर है? (Difference between 4WDand AWD in Hindi)

4WD में आप इंजिन की पॉवर को कंट्रोल कर सकते हैं। वहीं AWD में ऐसा नहीं होता है। 4WD मुख्य तौर पर ऑफ रोडिंग के लिए होती है। इनसे आप खराब से खराब रास्तों पर आसानी से चला सकते हैं। लेकिन AWD से आप बहुत कम ही ऑफ रोडिंग कर सकते हैं। AWD के वाहन on-road चलाने के लिए बनाई गई होती है।

अगर इंजिन और माइलेज की बात करें। तो 4WD, AWD की तुलना में ज्यादा पॉवरफुल होती है। इसके साथ साथ यह बहुत भारी भी होती है। इसमें AWD की तुलना में ज्यादा components जुड़े हुए होते हैं। इसके चलते यह AWD की तुलना में ज्यादा माइलेज नहीं देती है।


डिफरेंशियल क्या है? ( What is Differential in Hindi)

Differential एक मैकेनिकल इक्विपमेंट होता है। जो वाहन के निचले हिस्से में होता है। यह एक ज्वाइंट के जैसा होता है। जो दोनों पहियों को आपस में connect करता है। आमतौर पर डिफरेंशियल से वाहन के पहियों को एक सामान पॉवर मिलती है। लेकिन जब जरूरत हो। तब यह पहियों को कम या ज्यादा पॉवर भी सप्लाई करता है।

Differential यह निर्धारित करता है कि गाड़ी के पहियों को कब एक ही स्पीड में rotate करना है और कब नहीं। यह पहियों को अलग अलग speed पर घूमाने में सक्षम होता है। आइए इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं।

जब गाड़ी left side से मुड़ती है। तब right side के दोनों पहियों को डिफरेंशियल में ज्यादा पॉवर सप्लाई होती है। क्योंकि इन दो पहियों को ज्यादा radius cover करनी होती है। वहीं left side के दोनों पहियों को कम पॉवर सप्लाई होती है। क्योंकि उन्हें कम डिस्टेंस cover करनी होती है ऐसा परस्पर right side से मुड़ने पर भी होता है।


Transfer Case क्या है?

दो डिफरेंशियल के बीच के ज्वाइंट को Transfer Case कहते हैं। यह AWD और 4WD वाली वाहनों के centre में इस्तेमाल किया जाता है। जिससे इंजिन का पॉवर इस transfer case से होकर दोनों डिफरेंशियल में सामान्य रूप से डिस्ट्रीब्यूट हो जाता है। AWD वाली गाड़ियों में आप transfer case को अपने हिसाब से ऑपरेट नहीं कर सकते हैं। अपने हिसाब से कंट्रोल नहीं कर सकते हैं।

लेकिन 4WD वाली गाड़ियों में आप इसे मैनुअली कंट्रोल कर सकते हैं। इसकी मदद से आप गाड़ी को Two Wheel Drive और Four Wheel Drive दोनों में अपने हिसाब से चला सकते हैं। ये function बड़ी बड़ी SUVs और ट्रकों में दिया जाता है। जिसे कि गाड़ी में दिए गए एक स्वीच की मदद से उपयोग में लाया जा सकता है।


निष्कर्ष

Four Wheel Drive और All Wheel Drive दोनों ही प्रकार के वाहनों में इंजिन का पॉवर वाहन के चारों पहियों में equally सप्लाई होता है। AWD वाली गाड़ियों के इंजिन पॉवर सप्लाई को हम अपने हिसाब से कंट्रोल नहीं कर सकते हैं। यह अपने जरूरत के हिसाब से खुद बा खुद ही automatically ही adjust हो जाती है। 

लेकिन 4WD में हम इंजिन की पॉवर सप्लाई को अपने हिसाब से कंट्रोल और उसे यूज कर सकते हैं। इसे 4WD वाली गाड़ियों में मैनुअली adjust किया जा सकता है।

इस आर्टिकल में हमनें Four Wheel Drive और All Wheel Drive क्या है? दोनों में क्या अंतर है? के बारे में जाना। आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी? हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं। साथ ही आगर आप इस पोस्ट के संबंध में कोई सुझाव देना चाहें। तो हमें दे सकते हैं।

धन्यवाद


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