Drivetrain क्या है? और कितने तरह के होते हैं

हम रोज सड़कों पर तरह तरह के वाहनों को देखते हैं। सभी वाहनों की बनावट अलग अलग होती है। साथ ही ये अलग अलग तरह के कामों को पूरा करने के उद्देश्य से बनाया जाता है। इनकी इंजिन्स की पोजिशन और capacity भी अलग अलग होती है। 

आज हम automobile industry के जिस common वर्ड के बारे में जानने वाले हैं। उसका नाम है drivetrain। 

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि Drivetrain क्या है? और ये कितने तरह के होते हैं। 


Drivetrain kya hai

Drivetrain क्या है? (What is Drivetrain in Hindi)

एक मोटर व्हीकल के वे सभी components जिससे पॉवर व्हील्स में deliver होती है। इसे drivetrain कहते हैं। इसमें सामान्यता transmission, differential, axles जैसे कंपोनेंट्स आते हैं। इन सभी के एक साथ काम करने की वजह से गाड़ी की व्हील्स घूमते हैं। 

Drivetrain एक group of components होता है। जिसमें कई तरह के पार्ट्स होते हैं। जो कि किसी मोटर व्हीकल में यूज किया जाता है। और ये सभी कंपोनेंट्स drivetrain के अंतर्गत आते हैं। इन सभी कंपोनेंट्स के एक साथ काम करने पर व्हील का रोटेशन पूरा होता है।


ड्राइवेट्रेन कितने तरह के होते हैं? (Types of the drivetrain in Hindi)

ये मुख्य रूप से चार तरह के होते हैं। जिसे कि किसी मोटर व्हीकल में इस्तेमाल किया जाता है।

  1. Front Wheel Drive
  2. Rear Wheel Drive
  3. All Wheel Drive
  4. Four Wheel Drive

Front Wheel Drive

Front Wheel Drive वाली जितने भी वाहन होते हैं। उन सभी के इंजिन्स को वाहन के आगे फिट किया जाता है। जो फ्रंट व्हील वाली drivetrain होती है। उसमें वाहन के इंजिन का पॉवर केवल आगे के दो पहियों में बट जाता है।

इस प्रकार के वाहनों का ज्यादातर भार वाहन के आगे की तरफ होता है। इस प्रकार के वाहन गाड़ी को pull करते हैं। ऐसी गाड़ियों के पीछले वाले पहियों को कोई पॉवर सप्लाई नहीं होती है। ये अगले पहियों के सहारे मूव करते हैं।

चूंकि इस प्रकार के वाहनों में गाड़ी का ज्यादातर भार आगे की तरफ होता है। इसलिए ऐसी गाड़ियां बर्फ वाले रास्तों, कीचड़, फिसलन वाली जगहों पर फंसती नहीं है। जिसकी वजह से इन गाड़ियों को ऐसी जगहों पर आसानी से चलाया जा सकता है। आसानी से ले जाया जा सकता है।


Rear Wheel Drive

Rear Wheel Drive वाली जितनी भी गाड़ियां होती है। उनके इंजिन्स को गाड़ी के आगे की तरफ या फिर गाड़ी के पीछे की तरफ फिट किया जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ी की बनावट कैसी है। इस प्रकार के वाहनों के इंजिन की पॉवर केवल पीछे के पहियों में सप्लाई होती है।

इस प्रकार के वाहनों का ज्यादातर भार चूंकि पीछे की तरफ होता है। इसलिए ऐसी गाड़ियों में weight का डिस्ट्रीब्यूशन अच्छे से हो जाता है। ऐसी गाड़ियां वाहन को आगे की तरफ push करते हैं। ऐसी गाड़ियों के आगे के पहियों में कोई पॉवर सप्लाई नहीं होती है। ये पीछले पहियों के सहारे मूव करते हैं। जिससे कि गाड़ी आगे की तरफ बढ़ती है।

चूंकि इस प्रकार के वाहनों में इंजिन की पॉवर पीछले के दो पहियों में सप्लाई होती है। इसकी वजह से इसे बर्फ वाले रास्तों, कीचड़, फिसलन जैसी जगहों पर नहीं चलाया जा सकता है। इस प्रकार की ज्यादातर गाड़ियां स्पोर्ट्स कारें होती है। जिसमें की इंजिन पीछे फिट किया जाता है।


All Wheel Drive

All Wheel Drive वाली वाहनों के इंजिन को आगे की तरफ फिट किया जाता है। और इन वाहनों के बीच में एक transfer case को लगाया जाता है। जिससे कि इंजिन का पॉवर आगे और पीछे के पहियों में बराबर बंट जाता है। इस प्रकार के वाहन के चारों पहिए एक साथ मूव करते हैं।

इस प्रकार के वाहनों में फ्रंट व्हील ड्राइव और रियर व्हील ड्राइव वाली वाहनों की तुलना में ज्यादा कंपोनेंट्स फिट किए जाते हैं। जिसकी वजह से ये वाहन सड़कों पर बहुत ज्यादा स्टेबल रहती है। ऐसी गाड़ियां सड़कों पर काफी अच्छा चलती है। लेकिन आप इन वाहनों से ज्यादा ऑफ रोडिंग नहीं कर सकते। ये ऑन रोड के लिए बनी होती है।

इस प्रकार के वाहनों में सेंसर्स की वजह से गाड़ी के व्हील्स की स्पीड कम ज्यादा होती है। ऐसी गाड़ियां जब फंसती है। तब सेंसर्स खुद ही फंसे हुए पहिए को detect करके उसमें इंजिन से ज्यादा पॉवर सप्लाई करती है। ऐसी गाड़ियों के इंजिन पॉवर को हम अपने से कंट्रोल नहीं कर सकते हैं।


Four Wheel Drive

Four Wheel Drive वाली गाड़ियां ऑल व्हील ड्राइव के जैसी ही होती है। इसमें भी गाड़ी के व्हील्स एक साथ ही घूमते हैं। लेकिन ये ऑल व्हील ड्राइव की तुलना में ज्यादा भारी होती है। और साथ ही इनके कंपोनेंट्स की फिटिंग भी ऑल व्हील ड्राइव से ज्यादा complicated होती है। 

इस प्रकार के वाहनों में ऑल व्हील ड्राइव से काफी ज्यादा कॉम्पोनेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी गाड़ियों को आप कहीं पर भी आसानी से चला सकते हैं। इन गाड़ियों को आप सड़कों, कच्चे पक्के रास्तों, पहाड़ी क्षेत्रों, कीचड़, फिसलन जैसी जगहों पर भी आसानी से चला सकते हैं।

इस प्रकार की गाड़ियों में आपको ड्राइवर कंपार्टमेंट में एक स्विच दिया जाता है। जिसकी मदद से आप इन गाड़ियों को अपने जरूरत के हिसाब से टू व्हील ड्राइव और फॉर व्हील ड्राइव में आसानी से चला सकते हैं। ये गाड़ियां ऑफ रोडिंग के लिए सबसे अच्छी होती हैं। इन वाहनों के फंसने पर आप फंसे हुए पहिए पर manually पॉवर भेज सकते हैं।


निष्कर्ष

एक मोटर व्हीकल के वे सभी कॉम्पोनेंट्स जिससे पॉवर व्हील्स में डिलीवर होती है। उसे drivetrain कहते हैं।

इस आर्टिकल में हमनें आपको बताया कि Drivetrain क्या है? और ये कितने तरह के होते हैं? आपको यह पोस्ट कैसी लगी? हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं। 

धन्यवाद!


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