Keyword Stuffing क्या है? और क्यों इसे avoid करें

Keyword Stuffing अपनी ब्लॉग या वेबसाइट को गलत तरीके से रैंक कराने की एक SEO तकनीक है। Keyword Stuffing अक्सर नए ब्लॉगर्स सबसे ज्यादा करते हैं। जो ब्लॉगिंग में नए होते हैं। और जिन्हें ब्लॉग और ब्लॉगिंग के बारे में अच्छी जानकारी नहीं होती है। और वे गलत तरीके से वेबसाइट को जल्दी रैंक कराने की कोशिश करते हैं।

Keyword Stuffing kya hai

इस आर्टिकल में हम कीवर्ड स्टफिंग के बारे में जानने वाले हैं। जिसमें हम Keyword Stuffing क्या है? और क्यों इसे avoid करें? के बारे में जानने वाले हैं। इसके साथ ही हमें इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए? Keyword का सही यूज कैसे करें? आदि के बारे में इस पोस्ट जानेंगे।

आर्टिकल लिखते समय अपने keyword को यूज करना SEO (Search Engine Optimization) में एक बहुत बड़ा रैंकिंग फैक्टर होता है। आर्टिकल SERPs ( Search Engine Results Pages) में किसी न किसी keyword पर ही रैंक करती है। वो आर्टिकल रैंक करती है। जिसमें क्वालिटी content होती है। जो यूजर्स के द्वारा की गयी क्वेरी के relevant होती है। SEO optimized होती है।

गूगल कभी भी उन वेबसाइट्स को अपने SERPs में रैंक नहीं करता है। जिसमें कि गलत SEO techniques को फॉलो किया जाता है। Keywords Stuffing जैसे किसी Black Hat SEO तकनीक को फॉलो किया जाता है।


Keyword Stuffing क्या है? (What is Keyword Stuffing in SEO Hindi)

Keyword Stuffing एक गलत SEO technique है। जिसमें एक webpage में target keyword को ज्यादा से ज्यादा यूज करके SERPs में रैंक करने की कोशिश की जाती है। इसमें content, meta tags, title tag और URL में बहुत ज्यादा कीवर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। 

आइए इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं।

ब्लॉगिंग क्या है? ब्लॉगिंग कैसे करें? ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाएं? ब्लॉगिंग कैसे करते हैं? ब्लॉगिंग करने के लिए क्या सीखनी पड़ती है? और ब्लॉगिंग कैसे start करें?

इस एक paragraph में आप देख सकते हैं कि ब्लॉगिंग कीवर्ड को कितनी बार यूज किया गया है। एक ही कीवर्ड को अपने आर्टिकल में बिना जरूरत के बार बार यूज करना कीवर्ड स्टफिंग कहलाता है। जिसे avoid करनी चाहिए।

Keyword Stuffing बीतें दशकों में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला एक SEO तकनीक थी। जब गूगल और बाकि सर्च इंजन आर्टिकल को एक specific keyword से मैच होने पर रैंक करती थी। उस समय में SEO इतना पॉपुलर नहीं था। अपने आर्टिकल में keyword को ज्यादा से ज्यादा यूज करके अच्छी रैंकिंग हासिल की जाती थी।

लेकिन आज के समय में इसे यूज करना एक गलत SEO technique है। जो सिर्फ SERPs में रैंकिंग के उद्देश्य से किया जाता है। अगर आज के समय में कोई वेबसाइट इस तकनीक को इस्तेमाल करते हुए पायी जाती है। तो उसकी रैंकिंग SERPs में बढ़ने के बजाय उल्टा घट जाती है। ऐसा करने पर गूगल अब वेबसाइट को penalized कर देता है।

Keyword Stuffing जैसे किसी दूसरे black hat SEO technique को रोकने के लिए गूगल और बाकि के सर्च इंजन अपने algorithms का यूज करते हैं। गूगल के ही अपने 200 से भी ज्यादा रैंकिंग algorithms हैं। जिसके द्वारा गूगल किसी वेबसाइट की रैंकिंग डिसाइड करता है। 

गूगल के algorithms SERPs में क्वालिटी रिजल्ट्स को रैंक करने का काम करती है। गूगल के SERPs में सिर्फ ऐसे रिजल्ट्स ही रैंक करती है। जिसमें क्वालिटी content लिखी हुई होती है। जो यूजर्स को अच्छी और फायदेमंद जानकारियां मुहैया कराती है। जिससे यूजर्स का search experience बेहतर होता है। जो यूजर्स के क्वेरी से मेल खाती है। जिसमें अच्छी और पूरी जानकारी होती है।

गूगल का Panda और Hummingbird algorithm कीवर्ड स्टफिंग जैसी गलत SEO practices और बाकि के algorithms गलत SEO techniques को करने वाले वेबसाइट्स को चेक करने का काम करती है। उन वेबसाइट्स को penalized करने का काम करती है। जिसमें गलत SEO तकनीक को फॉलो किया जाता है।


Keyword Stuffing कहां-कहां होती है?

एक ब्लॉग पोस्ट के मुख्य चार हिस्सों यूआरएल, content, title, Meta tag में सबसे ज्यादा कीवर्ड stuffing होती है। जिससे हमारे ब्लॉग और वेबसाइट की रैंकिंग down होती है। नीचे हम इसे बेहतर तरीके से समझते हैं।

Title Tag

Title Tag में सबसे ज्यादा keywords की stuffing की जाती है। कुछ ब्लॉगर अपने आर्टिकल के target कीवर्ड को title tag में 2 से 3 बार यूज कर देते हैं। आप अपने पोस्ट के टाइटल को छोटा और simple रखने की कोशिश करें। और अपने target keyword और secondary keyword को यूज करके पोस्ट का title tag लिखें। 

इसमें कीवर्ड को ज्यादा यूज करने से बचें। और ऐसा title लिखें। जो आपके पोस्ट के बारे में अच्छे से समझा पाती हो। जो यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित कर पाती हो।


Meta Tag

ब्लॉगर यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए title tag में keywords का तो सबसे ज्यादा यूज करते ही हैं। इसके साथ ही वे meta tag या meta description में भी कीवर्ड का ज्यादा से ज्यादा बार इस्तेमाल कर देते हैं।


Content

पोस्ट के content में कीवर्ड का सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। अपने पोस्ट को अच्छी रैंकिंग दिलाने के लिए ब्लॉगर उन जगहों पर भी keyword को यूज कर देते हैं। जहां कीवर्ड को यूज करने की कोई जरूरत नहीं होती है।

कुछ ब्लॉगर अपने main keyword के colour को अपने template के colour से मैच करके रखते हैं। जिससे ये कीवर्ड यूजर्स को दिखाई नहीं देती है। और कीवर्ड स्टफिंग हो जाती है। वहीं कुछ अपने target keyword के साइज को 0 करके भी कीवर्ड को छुपाने का काम करते हैं। ताकि यूजर्स को ये दिखाई न दे। और यूजर्स का अनुभव खराब न हो। लेकिन ये सर्च इंजन के crawlers इसे समझ जाते हैं। और इसके चलते वे आपकी वेबसाइट को penalized कर देते हैं। जिससे ब्लॉग, वेबसाइट की रैंकिंग कम हो जाती है।


URLs

पोस्ट के URLs में भी कीवर्ड को बहुत ज्यादा यूज किया जाता है। आप पोस्ट के URLs को छोटा रखने की कोशिश करें। जो यूजर्स को आसानी से समझ में आती हो।


Keyword Stuffing क्यों avoid करें?

जैसा कि हमने आपको बताया की अपने पोस्ट्स में ज्यादा से ज्यादा कीवर्ड को यूज करने से वेबसाइट की रैंकिंग कम हो जाती है। ऐसा करने से ब्लॉग और वेबसाइट को गूगल द्वारा penalised होने के chances काफी बढ़ जाते हैं।

नीचे हम इसे कुछ पॉइंट्स की मदद से समझने की कोशिश करते हैं कि क्यों इसे वेबसाइट में avoid करनी चाहिए।

  1. जब सर्च इंजन के crawlers आर्टिकल को index करने के लिए crawl करते हैं। तो कीवर्ड के overuse होने से गूगल को लगता है कि हम सिर्फ सर्च इंजन में रैंक करने के लिए आर्टिकल लिख रहे हैं। न कि यूजर्स के लिए।
  2. इससे यूजर्स को आर्टिकल पढ़ने में परेशानी होती है। यूजर्स को एक ही word को बार बार repeat करनी पड़ती है। इससे यूजर्स का एक्सपीरियंस खराब होता है। और वे तुरंत ही हमारी साइट को छोड़कर किसी दूसरे वेबसाइट पर चले जाते हैं। इससे वेबसाइट की bounce rate बढ़ती है।
  3. आर्टिकल को SERPs में रैंक कराने के लिए SEO करनी पड़ती है। ऐसे में अगर आप कीवर्ड stuffing करते हैं। तो इससे आपके SEO के efforts बेकार हो जाते हैं। और आर्टिकल में ज्यादा कीवर्ड होने से रैंक नहीं कर पाती है।
  4. इससे गूगल और बाकि के सर्च इंजन में हमारी ब्लॉग और वेबसाइट का एक गलत impact पड़ता है। जिससे हमारी वेबसाइट को SERPs में रैंक कराने में परेशानी होती है।
  5. आर्टिकल पढ़ने में अच्छी नहीं लगती है। और यूजर्स ज्यादा समय तक हमारी वेबसाइट में नहीं रुकते हैं।

इसके साथ साथ गूगल हमारी वेबसाइट को अपने index से बाहर कर सकती है। साइट की रैंकिंग डाउन कर सकती है। ऐसे बहुत से निगेटिव effect हमारी वेबसाइट पर देखी जा सकती है। जो keyword stuffing करने से होती है।


Keyword Stuffing से कैसे बचें?

हमनें अभी तक ब्लॉग और वेबसाइट में कीवर्ड को ज्यादा यूज करने से होने वाले नुकसान के बारे में जाना। अब हम किन बातों को ध्यान में रखकर इससे बच सकते हैं? क्या करना चाहिए? के बारे में जानेंगे।

  1. जब आप keyword research करें। तो सिर्फ target keyword को ही चूज करके आर्टिकल न लिखें। बल्कि आप target कीवर्ड से मिलते जुलते कीवर्ड को भी यूज करें। जो आपके main कीवर्ड से मैच करती है। इसे LSI keyword या secondary keyword भी कहते हैं। 
  2. अपने आर्टिकल के कंटेंट में keyword density का ध्यान रखें। अपने कंटेंट से ज्यादा अपने target keyword के percentage को रखने की कोशिश न करें। आप कीवर्ड density 1% से 2% तक में रखने की कोशिश करें।
  3. कंटेंट को natural और relevant रखने की कोशिश करें। हमेशा यूजर्स को ध्यान में रखकर आर्टिकल लिखें। अगर आपका आर्टिकल यूजर्स को पसन्द आता है। तो वह automatically सर्च इंजन को भी पसंद आता है।
  4. पोस्ट के title, meta description, content और URLs में target keyword और LSI कीवर्ड का यूज करें। 
  5. आप अपने target कीवर्ड से मिलते जुलते synonyms को भी यूज करके आर्टिकल लिख सकते हैं। जैसे अगर आपका टारगेट कीवर्ड "toys for kids" है। तो आप अपने आर्टिकल में "toys for children" भी यूज कर सकते हैं।
  6. जितना ज्यादा हो सके। अपने टारगेट कीवर्ड के long-tail keywords को कंटेंट में यूज करें। इससे पोस्ट को अच्छी रैंकिंग दिलाने में मदद मिलती है।

ये वो कुछ पॉइंट्स हैं। जिसे फॉलो करके आप अपने कीवर्ड के overuse होने से बच सकते हैं। अपने आर्टिकल को गूगल के SERPs में अच्छी रैंकिंग दिला सकते हैं। 

अगर आप ब्लॉगिंग में बहुत अच्छा करना चाहते हैं। इससे अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं। तो ऐसी किसी गलत SEO techniques को बिल्कुल भी फॉलो न करें। इससे भले ही आपकी वेबसाइट कुछ समय के लिए रैंक कर जाए। पर आगे चलकर इससे आपको नुकसान ही होने वाला है।


Keyword का सही यूज कैसे करें?

हमने keyword stuffing से होने वाले नुकसान और इससे बचने के उपायों के बारे में जाना। अब हम अपने कीवर्ड को सही तरीक़े से कैसे यूज कर सकते हैं? के बारे में जानेंगे। जो रैंकिंग के लिए अच्छी मानी जाती है।

  1. Title Tag में आप अपने टारगेट कीवर्ड और अपने LSI keyword का यूज करें। इसमें आप title tag के जितने शुरुआत में अपने main keyword का यूज करते हैं।
  2. उतने ही ज्यादा पोस्ट के रैंक होने के chances बढ़ जाते हैं। अगर आपका title tag 10 वर्ड्स का है। तो कोशिश करें कि आपका main कीवर्ड शुरुआत के तीन words में आए। 
  3. Title tag की ही तरह आप अपने meta tag को भी ऐसा ही लिखने की कोशिश करें। शुरुआत में आने वाले कीवर्ड के रैंक होने के chances बाद में आने वाले कीवर्ड की तुलना में ज्यादा होती है। लेकिन आप कीवर्ड stuffing से बचें। और keyword density को अच्छा बनाएं रखें।
  4. आर्टिकल के पहले paragraph के एकदम शुरुआत में आप अपने टारगेट कीवर्ड को यूज करने की कोशिश करें।
  5. अपने Heading tag (H1) में आप अपने main कीवर्ड को रखें। और कम से कम एक subheading tag में आप अपने टारगेट कीवर्ड को यूज करने की कोशिश करें।
  6. अपने पोस्ट के conclusion में आप अपने keyword का यूज करें। आप अपने कीवर्ड को फॉर्मेट करने के लिए उसे bold, italic और underline भी कर सकते हैं।


निष्कर्ष

Keyword Stuffing एक unethical SEO practice है। जिसमें एक webpage में ज्यादा से ज्यादा टारगेट कीवर्ड को यूज करके उसे SERPs में higher ranking दिलाने की कोशिश की जाती है। इसमें जरूरत से ज्यादा कीवर्ड को यूज किया जाता है। ये एक गलत SEO तकनीक है। जिसे कि हमें अपने वेबसाइट में avoid करनी चाहिए।

गूगल लगातार अपने algorithms को समय समय पर अपडेट करते रहता है। ताकि कोई भी वेबसाइट गलत SEO techniques को फॉलो करके SERPs में रैंक न हो सकें और यूजर्स को अच्छी और बेहतर जानकारी प्राप्त होते रहें।

गूगल के ये algorithms पूरी तरह से AI (Artificial intelligence) बेस्ड हैं। अगर आप आज ऐसे किसी गलत SEO techniques को फॉलो करते हैं। तो ये एल्गोरिथम उन्हें तुरंत detect करके आपके ब्लॉग और वेबसाइट को penalised करके उसकी रैंकिंग down कर सकती है।

इस आर्टिकल में हमनें Keyword Stuffing क्या है? और क्यों इसे avoid करें? के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसी के साथ हमनें इससे होने वाले नुकसान और इससे बचने के उपायों के बारे में जाना। आपको हमारी इस पोस्ट से अच्छी जानकारी मिली या नहीं? हमें कमेंट करके जरूर बताएं। 

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