Keyword Density क्या है? और कैसे calculate करें

Keyword Density on Page SEO का एक हिस्सा है। जोकि on Page SEO के बाकि फैक्टर्स की तरह ही हमारे ब्लॉग और वेबसाइट के लिए जरूरी element है। जब हम Keyword density को सही से अपने वेबसाइट में यूज करते हैं। तो इससे हमारे वेबसाइट की SERPs (Search Engine Results Pages) में रैंकिंग अच्छी होती है। 

इस आर्टिकल में हम keyword optimization के बारे में जानने वाले हैं। जिसमें हम Keyword Density क्या है? और कैसे calculate करें? के बारे में जानेंगे। इसके साथ साथ इसे अपने ब्लॉग या वेबसाइट में कितना रखना चाहिए और keyword को सही से अपने पोस्ट के content में कैसे यूज करें? के बारे में इस आर्टिकल में जानने वाले हैं।

Keyword को यूज करने से हमारी ब्लॉग पोस्ट SERPs में रैंक कर पाती है। वेबसाइट की ट्रैफिक increase होती है। लेकिन अपने ब्लॉग के content में keyword को ज्यादा बार यूज करने से हमारे वेबसाइट की रैंकिंग SERPs में down होती है। इसलिए जरूरी है कि हम कीवर्ड को सही से यूज करें। और keyword stuffing जैसे किसी black hat SEO techniques को वेबसाइट में apply न करें।


Keyword Density क्या है? (What is Keyword Density in Hindi)

Keyword Density एक प्रतिशत है जो यह बताता है कि कोई कीवर्ड किसी वेबपेज में बाकी words की तुलना में कितनी बार यूज किया गया है। इसकी मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि कोई एक specific keyword किसी वेबपेज या फिर content के कितने relevant है।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। अगर आपने 1000 वर्ड्स की SEO पर एक आर्टिकल लिखी। जिसमें आपने "SEO" keyword को पोस्ट के content में 10 बार यूज किया। तो keyword density 1% हुई। वहीं अगर आपने SEO कीवर्ड को कंटेंट में 20 बार यूज किया तो यह 2% हुर्ई। 

Keyword Stuffing करना और Keyword Density को ज्यादा रखना 1990s के समय में बहुत ज्यादा यूज में जाता था। इसे पेज की रैंकिंग में एक important फैक्टर माना जाता था। और बहुत ज्यादा पॉपुलर भी था।

लेकिन जब वेबमास्टर्स और SEOs अपने पोस्ट को अच्छी रैंकिंग दिलाने के लिए इन दो मैट्रिक्स को बहुत ज्यादा यूज में लाने लगे। तो सर्च इंजन इसे एक गलत SEO तकनीक के रूप में जानने लगे। जिसको यूज करने का मतलब सिर्फ  पोस्ट को अच्छी रैंकिंग दिलाने के लिए किया जाता था।

आज के समय में कीवर्ड stuffing और कीवर्ड density को ज्यादा यूज में लाना एक गलत SEO techniques है। जिसे यूज करने पर पोस्त की रैंकिंग SERPs में बढ़ने के बजाय उल्टा घट जाती है। और सर्च इंजन जैसे गूगल ऐसे किसी techniques को फॉलो करने वाली वेबसाइट को penalized कर उसकी रैंकिंग को down कर देती है।



Keyword Density कैसे calculate करें?

Keyword Density को अपने वेबपेज या पोस्ट के कंटेंट के लिए calculate करना बहुत आसान है। आप सबसे पहले अपने target कीवर्ड को देखें कि वह पूरे पोस्ट में कितनी बार यूज किया गया है। फिर उस टारगेट कीवर्ड को पोस्ट के total words से विभाजित करें। जो भी प्रतिशत आएगा वह आपके टारगेट कीवर्ड की density होगी।


Keyword Density कितनी होनी चाहिए?

अगर गूगल की बात करें। तो गूगल ने अपने किसी भी तरह के guideline में यह नहीं बताया है कि एक पोस्ट या एक वेबपेज के लिए कितनी keyword density अच्छी होती है। जिससे वेबसाइट SERPs में अच्छी तरह रैंक कर सकें।

हालांकि बहुत से SEO experts का कहना है कि पोस्ट में 1-2% की कीवर्ड density एक अच्छी प्रतिशत होती है। उनका कहना है कि हर 100 वर्ड्स पे हमें अपने टारगेट कीवर्ड को 1-2 बार यूज करनी चाहिए। तभी हमारी पोस्ट, वेबपेज की रैंकिंग SERPs में increase हो सकती है।


Keyword Stuffing क्या होता है?

जब हम अपने टारगेट कीवर्ड को अपने पोस्ट में ज्यादा बार यूज कर देते हैं। तो वह keyword stuffing कहलाती है।

कीवर्ड स्टफिंग और कीवर्ड density एक जैसे ही होते हैं।

अगर आप अपने टारगेट कीवर्ड को अपने पोस्ट के कंटेंट में ज्यादा बार यूज करते हैं। तो वह keywords stuffing होती है। उन्हीं target कीवर्ड को जब हम अपने पोस्ट के total words से विभाजित करते हैं। तो हमें अपने टारगेट कीवर्ड की density का पता चलता है। कहने का मतलब है कि अगर आप keyword stuffing कर रहे हैं। तो आप एक तरह से कीवर्ड density को increase कर रहे हैं।


अच्छी Keyword Density कैसे रखें?

अपने ब्लॉग और वेबसाइट के पोस्ट और पेजेस के कंटेंट में keyword density को अच्छा रखना SEO के लिए बहुत जरूरी होता है। क्योंकि इससे हमारे वेबसाइट की रैंकिंग SERPs में इफेक्ट होती है। सही density रखने पर अगर पोस्ट रैंक करती है। तो ज्यादा density रखने पर पोस्ट की रैंकिंग SERPs में कम भी हो सकती है। इसके साथ साथ हमारी पोस्ट SERPs से बाहर भी हो सकती है।

नीचे कुछ पॉइंट्स बताएं गए हैं। जिसे फॉलो करके आप अपने टारगेट कीवर्ड के प्रतिशत को अच्छा रख सकते हैं।

यूजर्स के लिए content लिखें

आप अपना पोस्ट हमेशा यूजर्स के लिए लिखें न की सर्च इंजन के लिए। इससे पोस्ट natural और original लगती है।  जो कि high-Quality Content और यूजर्स के क्वेरी के relevant होती है। जिसे यूजर्स पसंद करते हैं।

कभी भी सर्च इंजन को ध्यान में रख कर content न लिखें जब आप यूजर्स के लिए आर्टिकल लिखें। तो अपने टारगेट keyword को उन जगहों पर यूज करें। जिससे यूजर्स को पोस्ट पढ़ने में अच्छी लगती हो। एक अच्छा कंटेंट हमेशा यूजर्स के लिए लिखी जाती है न कि सर्च इंजन के लिए।


Keyword के अलग अलग variations को यूज करें

Keyword के variations को यूज करने का मतलब है कि अगर आप अपना पोस्ट ब्लॉग पर लिख रहे हैं। तो आप इससे मिलते जुलते वर्ड्स ब्लॉग्स, ब्लॉगर्स और ब्लॉगिंग जैसे keyword को अपने पोस्ट के कंटेंट में यूज करें।

ये वर्ड्स target keyword के relevant होती है। और इससे सर्च इंजन को कंटेंट को अच्छे से समझने में आसानी होती है। इससे पोस्ट की relevancy का पता चलता है।


Semantic Keywords का यूज करें

Semantic Keywords ऐसे कीवर्ड होते हैं। जो आपके target keyword के relevant होती है। इसे LSI कीवर्ड भी कहते हैं। ये कीवर्ड आपके टारगेट कीवर्ड के long-tail keywords होते हैं। आप टारगेट कीवर्ड के synonyms को भी यूज कर सकते हैं। जैसे kids की बजाय children और SEO के बजाय search engine optimization।


Keyword Stuffing से बचें

ब्लॉग और वेबसाइट के पोस्ट्स में कीवर्ड stuffing से बचें पोस्ट में उतने ही target keyword का यूज करें। जितनी की जरूरत हो। जिससे पोस्ट पढ़ने में आसान लगती हो। पोस्ट पब्लिश करने से पहले एक बार आप खुद से अपने आर्टिकल को पढ़े। Grammer और spelling सही रखें।

अपने टारगेट कीवर्ड की percentage जरूर चेक करें।


Keyword को सही जगह यूज करें

पोस्ट में कुछ जगह ऐसे हैं। जहां पर keywords को यूज करना अच्छा माना जाता है। जिससे पोस्ट को रैंक कराने में आसानी होती है। जैसे

  1. Title Tag
  2. Meta Description
  3. आर्टिकल के शुरुआत में
  4. आर्टिकल के end में
  5. आर्टिकल के body में
  6. URL में
  7. एक Subheading Tag में

इसके साथ साथ आप अपने इमेज के alt text में अपने target keyword को इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पोस्ट सही तरीके से SEO optimized होती है।


Keyword Density कैसे चेक करें?

आप अपने पोस्ट, पेजेस की keyword density को खुद से या किसी tool की मदद से भी चेक कर सकते हैं। जैसे smallseotool, prepostseo आदि। जैसी वेबसाइट से आप पोस्ट के कीवर्ड की density पता कर सकते हैं।

अगर आप WordPress यूज करते हैं। तो Yoast SEO Plugin की मदद से आप अपने कीवर्ड की density चेक कर सकते हैं। वहीं अगर आप Blogger यूज करते हैं। तो आप manually या फिर किसी tool की मदद से अपने target keyword की density को चेक कर सकते हैं।


निष्कर्ष

Keyword Density किसी पोस्ट में यूज किए गए किसी specific keyword की percentage होती है। इसे हमे 1 से 2% तक या इससे कम ही रखने की कोशिश करनी चाहिए। ताकि हमारे पोस्ट SERPs में अच्छी रैंक कर सकें।

इससे हमें यह पता चलता है कि कोई target keyword किसी वेबपेज में कितनी बार इस्तेमाल किया गया है। 

इस आर्टिकल में हमनें keyword optimization के बारे में जाना। जिसमें हमनें Keyword Density क्या है? और कैसे calculate करें? के बारे में जानकारी प्राप्त की। अगर आपको इस पोस्ट को लेकर अभी भी कोई सवाल या फिर कोई सुझाव हो। तो हमें comment में जरूर बताएं।

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो। तो इसे अपने सोशल मीडिया में जरूर शेयर करें।

धन्यवाद 


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