Google Crawling और Indexing क्या है? कैसे होता है

सर्च इंजन में किसी भी ब्लॉग और वेबसाइट को विजिबल होने के लिए उसे पहले सर्च इंजन के बोट्स द्वारा crawl और index होनी पड़ती है। सर्च इंजन जैसे कि गूगल और bing के बोट्स इंटरनेट में मौजूद करोड़ों ब्लॉग, वेबसाइट्स की डाटा को crawl और index करने का काम करते हैं।

Crawling और Indexing क्या है

इस आर्टिकल में हम गूगल के Crawling और Indexing प्रोसेस के बारे में जानने वाले हैं। जिसमें हम जानेंगे कि Crawling और Indexing क्या है? और कैसे होता है? इससे हमारे ब्लॉग और वेबसाइट की रैंकिंग पर क्या असर पड़ता है? आदि के बारे में हम इस आर्टिकल में जानेंगे।

गूगल या किसी भी दूसरे सर्च इंजन के Search Engine Results Pages (SERPs) में वही वेबसाइट दिखाई और रैंक पर पाती है। जो गूगल के बोट्स द्वारा crawl और index की हुई होती है। अगर कोई वेबसाइट सर्च इंजन के बोट्स द्वारा crawl और सर्च इंजन के डेटाबेस में index नहीं हो पाती है। तो वह सर्च इंजन के SERPs में न तो विजिबल होगी और न ही SERPs में रैंक कर पायेगी।


Crawling क्या है? (What is crawling in SEO Hindi)

Crawling वह प्रॉसेस है जिसमें सर्च इंजन के bots किसी वेबसाइट में जाकर उसके सारे meta data और उसके पूरे कंटेंट को analyse करते हैं। इसमें सर्च इंजन के बोट्स हमारे वेबसाइट में मौजूद robots.txt फाइल को सबसे पहले विजिट करते हैं। और बताए हुए permissions के आधार पर हमारे ब्लॉग और वेबसाइट को crawl करते हैं।

robots.txt फाइल एक text फाइल होता है। जिसमें हम सर्च इंजन के बोट्स को यह बताते हैं कि हमारे वेबसाइट के किस भाग को उन्हें crawl करनी है। और किस भाग को नहीं करनी है। इस फाइल को बहुत ध्यान से अपने ब्लॉग और वेबसाइट में यूज करनी होती है। गलत permission सेट करने पर इससे हमारी वेबसाइट सर्च इंजन के रिजल्ट्स पेजेस (SERPs) पर पूरी तरह से गायब भी हो सकती है।


Crawling कैसे होता है?

गूगल के बोट्स एक वेबसाइट को उसे मिलने वाले किसी दूसरे वेबसाइट के लिंक्स के जरिए crawl करते हैं। और यह प्रॉसेस तब तक चलती है। जब तक कि किसी वेबसाइट के लिंक्स किसी दूसरे वेबसाइट को point न करती हो।

बोट्स वेबसाइट को मिलने वाले लिंक्स की मदद से ढूंढ़ती है। और उसके पूरे डाटा को analyse कर यह जानने कि कोशिश करते हैं कि वेबसाइट किस टॉपिक पर है। और वेबसाइट का कंटेंट किस कीवर्ड के ऊपर लिखा गया है।

Crawling एक लगातार चलने वाली प्रॉसेस है। जो कभी बंद नहीं होती है। इसमें सर्च इंजन के बोट्स समय समय पर लगातार वेबसाइट पर विजित करते रहते हैं। और नए और fresh content को अपने डाटाबेस में स्टोर करते हैं।

वेबसाइट को crawl करने वाले बोट्स को web crawler कहा जाता है। इसे और भी नामों जैसे स्पाइडर, सर्च इंजन बोट्स, रोबोट्स आदि से भी जाना जाता है। इसमें गूगल के बोट्स को Googlebot और bing बोट्स को bingbot के नाम से जाना जाता है। ऐसे ही बाकि के सर्च इंजन के बोट्स को भी अलग अलग नामों से जाना जाता है।

सर्च इंजन के बोट्स/स्पाइडर ऐसी वेबसाइट के पेजेस को बहुत जल्दी crawl करते हैं। जिसमें क्वालिटी content लिखी हुई होती है। जिसमें कंटेंट regular update होते रहते हैं। बोट्स उन कंटेंट को बहुत ज्यादा प्राथमिकता देती है। जिसमें विजिट करने वाले विजिटर्स की संख्या बहुत ही ज्यादा होती है। जिसकी अथॉरिटी बहुत ज्यादा होती है।

सर्च इंजन के बोट्स हर वेबसाइट को एक निश्चित समय के अंदर crawl करती है। इसे crawl budget कहते हैं। इस तय सीमा में बोट्स किसी भी वेबसाइट के ज्यादा से ज्यादा पेजेस को crawl करने की कोशिश करते हैं। अच्छी तरह से Crawling होने के लिए वेबसाइट की स्पीड और उसकी navigation को फास्ट रखने की जरूरत होती है।

अगर किसी वेबसाइट में अच्छी और क्वालिटी कंटेंट लिखी हुई है। लेकिन वह fast नहीं है। वह यूजर्स के सामने जल्दी से open नहीं होती है। सर्च इंजन के बोट्स और यूजर्स को वेबसाइट के एक पेज से दूसरे पेज में जाने में परेशानी होती है। तो इससे वेबसाइट सही से crawl नहीं हो पाती है। और crawl न हो पाने के कारण वह रैंक नहीं कर पाती है।


Indexing क्या है? (What is Indexing in SEO Hindi)

सर्च इंजन द्वारा crawl की गई data को सर्च इंजन के डाटाबेस में index या स्टोर करना Indexing कहलाता है। इसमें बोट्स वेबसाइट की कंटेंट क्वॉलिटी links quality और उसकी अथॉरिटी के आधार पर अपने डाटाबेस में स्टोर करने का काम करती है। इसे ही indexing कहते हैं।


Indexing कैसे होता है?

Indexing में वेबसाइट की डाटा सर्च इंजन के डाटाबेस में स्टोर की जाती है। यह बिल्कुल किसी notebook में होने वाले index की तरह होता है। जिसकी मदद से किसी भी specific पेज तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

Indexing में सर्च इंजन के बोट्स वेबसाइट के वर्ड्स को analyse करते हैं। और यह जानने कि कोशिश करते हैं कि वह पेज किस specific keyword के relevant है।

कहने का मतलब यह है कि अगर दो वेबसाइट "football" कीवर्ड पर आर्टिकल लिखती है। तो गूगल के index में वह वेबसाइट priority पर रखी जायेगी। जो football से मिलते जुलते सभी क्वेरीज के सभी तरह के उत्तर दे पाती हो। जिसमें football के बारे में अच्छी जानकारी होगी। 

सर्च इंजन के algorithms SERPs में दिखाई जाने वाली वेबसाइट की रैंकिंग डिसाइड करती है। इसमें index की हुई पेजेस सर्च इंजन के अलग अलग algorithms द्वारा judge की जाती है। जो वेबपेज अच्छी क्वॉलिटी की होती है। जिसमें अच्छी SEO की गई होती है। जो कि किसी एक specific keyword के बारे में अच्छी जानकारी देती हो। उसे algorithms SERPs में अच्छी रैंकिंग देती है।

जब हम गूगल में कोई क्वेरी सर्च करते हैं। तो हम एक तरह से सर्च इंजन के बोट्स द्वारा index की गई डाटा को सर्च कर रहे होते हैं। अगर कोई पेज सर्च इंजन के crawlers द्वारा crawl और index नहीं हो पाती है। तो वह वेबपेज कभी भी सर्च इंजन में विजिबल और रैंक नहीं कर पायेगी।


Crawling और Indexing में क्या अंतर है? (Difference Between Crawling and Indexing in SEO Hindi)

Crawling में वेबसाइट लिंक्स की मदद से discover हो पाती है। जो किसी वेबसाइट के द्वारा point की हुई होती है। वहीं Indexing में उस वेबसाइट की डाटा store, organise और analyse की जाती है। ये सर्च इंजन के बोट्स के द्वारा की जाती है। जिन्हें crawlers कहते हैं।

अगर आप एक ब्लॉगर हैं। और आप कोई ब्लॉग या फिर वेबसाइट चलाते हैं। तो सर्च इंजन के Crawling और Indexing प्रॉसेस के बारे में जानकारी रखना जरूरी होता है। Search Engine Optimization (SEO) के लिए यह बहुत जरूरी है कि हमारी ब्लॉग, वेबसाइट सर्च इंजन के बोट्स द्वारा अच्छे से crawl और index हो पाती हो।

Google Search Console एक ऐसा टूल है। जिसकी मदद से हम अपने वेबसाइट के crawl और index हुए पेजेस के बारे में जान सकते हैं। इसके साथ ही हम इससे अपने वेबसाइट के crawl न हो पाने वाली पेजेस के बारे में भी जान सकते हैं और उसे ठीक करके उसे दुबारा से बोट्स के द्वारा crawl करा सकते हैं। इसके लिए हमें वेबसाइट को search console में verify कराना होता है। 


निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमनें गूगल के Crawling और Indexing प्रॉसेस के बारे में जाना। जिसमें हमनें गूगल Crawling और Indexing क्या है? कैसे होता है? और दोनों में क्या अंतर है? आदि के बारे में हमनें इस आर्टिकल में जाना।

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