नयी website को गूगल में रैंक होने में कितना समय लगता है?

नयी website को गूगल में रैंक होने में कितना समय लगता है? या एक website को गूगल के front page में रैंक करने में कितना समय लगता है? ये सवाल अक्सर नए ब्लॉगर्स के मन में आती है । आखिर वे ऐसा क्या करें? की उनकी वेबसाइट गूगल में रैंक कर जाए । ये सवाल सबसे ज्यादा नए ब्लॉगर्स पूछते हैं । जो blogging में नये होते हैं और जिन्हें SEO के बारे में अच्छी जानकारी नहीं होती है ।

नयी website को गूगल में रैंक करने में कितना समय लगेगा? यह उस वेबसाइट के अलग अलग variables और फैक्टर्स पर निर्भर करती है । जो अक्सर change होते रहते हैं । गूगल के algorithms बहुत सारे फैक्टर्स पर किसी वेबसाइट को judge करके रैंकिंग देता है ।

नयी websites पर अच्छी SEO practices करने और अच्छी quality content लिखने का यह मतलब नहीं है कि वह वेबसाइट तुरंत ही गूगल के first page पर रैंक कर जायेगी । वेबसाइट को रैंक कराना आसान नहीं है । इसमें समय लगता है । नयी वेबसाइट्स को खास करके गूगल के first page पर रैंक कराना आसान नहीं होता है ।

Website ko rank hone me kitna samay lagta hai

जैसा कि हमने आपको बताया कि गूगल website में बहुत सारे फैक्टर्स और variables को चेक करती है । और चेक करने के बाद किसी वेबसाइट को सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में रैंक कराती है । आइए पहले उन फैक्टर्स को जान लेते हैं । जिस पर एक website गूगल में रैंक करती है । 


Website कैसे रैंक होती है?

गूगल में किसी website को रैंक कराने के लिए कोई formula नहीं होता है । और न ही कोई निश्चित समय होता है । जिस पर कोई वेबसाइट रैंक होती है । हालांकि 3 से 6 महीने का समय एक average समय होता है । 

लेकिन यह समय उस वेबसाइट के टॉपिक, उसके SEO efforts, backlinks, domain की authority, साइट की age और किस country के लिए website रैंक होना चाहती है? आदि सारी mattress पर निर्भर करती है । 

इस average समय को जानने से पहले आइए जानते है वेबसाइट किन किन फैक्टर्स पर चेक की जाती है । साथ ही हम इन फैक्टर्स से अपनी वेबसाइट के रैंक होने के समय का अंदाजा लगा सकते हैं । और साथ ही हमें किस फैक्टर पर अपनी वेबसाइट के लिए ध्यान देना चाहिए आदि के बारे में जानते हैं । जो सबसे पहले आता है वह है SEO ।

SEO ( Search Engine Optimization )

जो पहला फैक्टर है वह है अपनी वेबसाइट का Search Engine Optimization करना । अगर आप SEO के बारे में नहीं जानते हैं । तो हम आपको बता दें कि इसकी मदद से हम अपने वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए डिजाइन करते हैं । सर्च इंजन हमारी वेबसाइट को बेहतर तरीके से जान सके इसके लिए हम SEO करते हैं । 

वेबसाइट और अपने आर्टिकल की formatting को सही रखें । जो यूजर्स के साथ साथ सर्च इंजन के crawler को भी अच्छे से समझ में आए । SEO में हम मुख्य रूप से अपने ब्लॉग, वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए optimized करते हैं । जिससे गूगल के bots ( crawlers ) को हमारे blog को समझने में आसानी हो । और हमारी वेबसाइट गूगल में किन्ही particular कीवर्ड पर रैंक कर जाए ।

अपने website में title, description को अच्छे से लिखें । आर्टिकल में Headings और subheadings का यूज करें । ये हमारे आर्टिकल का format डिसाइड करने का काम करती है । साथ ही इससे यूजर्स को हमारे आर्टिकल को समझने में आसानी होती है । यह basic SEO practice है । जो हर नए पुराने ब्लॉगर्स को आनी ही चाहिए । वेबसाइट में इमेजेस का यूज करें । Atl text और meta description को बेहतर तरीके से रखें ।


Domain Age

गूगल के Search Engine Results Pages ( SERP ) में किसी वेबसाइट के रैंक होने में website की age भी बहुत ज्यादा महत्व रखती है । अगर आपके वेबसाइट के domain की age सिर्फ 6 महीने ही पूरानी है । तो अभी भी गूगल के लिए वह एक नयी तरह की वेबसाइट है । जिसे पूराना होने में अभी बहुत समय बाकि है ।

नयी तरह की वेबसाइट्स पर न तो यूजर्स जल्दी से trust करते हैं और न ही सर्च इंजन । यही कारण है जो कोई भी नयी website गूगल में जल्दी से रैंक नहीं करती है । फिर चाहे उस वेबसाइट में कितनी ही अच्छी SEO practices की गई हो । और क्वालिटी कंटेंट लिखी गई हो ।

नयी वेबसाइट की domain authority पूराने वेबसाइट के मुकाबले कम होती है । जब तक नयी website एक authority website नहीं बन जाती । तब तक उस वेबसाइट के गूगल में रैंक करने के chances बहुत कम होती है । हालांकि 6 महीने पूरानी वेबसाइट पर low competitive keywords पर रैंक किया जा सकता है ।


Keywords Competition

जैसा कि हमने आपको बताया कि नयी वेबसाइट पर low competitive keywords पर रैंक किया जा सकता है । लेकिन जो वेबसाइट्स पूरानी है । उन पर यह समय सीमा लागू नहीं होती है । पूरानी वेबसाइट्स पर यह समय सीमा अलग होती है । नीचे इसे बेहतर तरीके से समझते हैं ।

New Website

अगर आपकी वेबसाइट नयी है । तो आप competitive कीवर्ड पर 9 से 6 महीने में रैंक कर सकते हैं । हालांकि यह समय सीमा निश्चित नहीं है । अगर आप अपने वेबसाइट पर अच्छी SEO प्रेक्टिस करते हैं । बिना किसी black hat SEO techniques का इस्तेमाल करके साइट का SEO करते हैं । तो यह समय सीमा कम भी हो सकती है ।

साथ ही अगर आप Non Competitive कीवर्ड पर काम करते हैं । और आपकी वेबसाइट नयी है । तब आप 1 से 4 महीने में रैंक कर सकते हैं । बस condition यही है जो competitive कीवर्ड पर काम करने के लिए लागू होती है । वेबसाइट पर किसी भी गलत SEO techniques को यूज में नहीं लानी है । अच्छी SEO प्रेक्टिस करनी है ।


Old Website

अगर आपकी वेबसाइट पूरानी और पॉपूलर है । और आप competitive कीवर्ड पर काम करते हैं । तो वेबसाइट को 3 से 6 महीने में गूगल में रैंक कराया जा सकता है । वहीं अगर आपकी वेबसाइट पर Non Competitive कीवर्ड पर आर्टिकल लिखा जाता है । और अच्छी SEO प्रेक्टिस को यूज में लाया जाता है । तो 1 से 2 महीने में इसे गूगल के first page पर रैंक कराया जा सकता है । 

हम आपको बता दें कि ये समय सीमा average है । अगर आप अपनी वेबसाइट पर positive way में SEO efforts करते हैं । अगर वेबसाइट में proper SEO किया जाता है । तब ही यह timeline सही है अन्यथा नहीं । 

अगर आप अपने ब्लॉग, वेबसाइट पर proper SEO नहीं करते हैं । बैकलिंक गलत तरह से बना रहे हैं । Black hat SEO techniques का इस्तेमाल कर रहे हैं, Relevancy maintain नहीं कर रहे हैं । तब यह समय सीमा और भी ज्यादा बढ़ सकती है । तब वेबसाइट को गूगल के search रिजल्ट्स में रैंक कराने में और ज्यादा समय लग सकता है ।


Quality Content

ये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कारक है । गूगल के bots हर आर्टिकल को उसकी क्वालिटी के आधार पर एक पेज रैंक देती है । गूगल के 200 से भी ज्यादा रैंकिंग algorithms हैं । जो आर्टिकल को पेज रैंक देने का काम करती है । 

ये algorithms कंटेंट की क्वालिटी को चेक करने के लिए डिजाइन की गई है । गूगल के अलग अलग algorithm कंटेंट की length, quality, backlinks, कंटेंट original है या नहीं, सर्च इंजन में कंटेंट की performance आदि को judge करने के बाद ये एल्गोरिथम वेबसाइट को रैंक देने और सर्च इंजन में रैंक कराने का काम करती है ।

अगर आप useful content पोस्ट कर रहे हैं । रेगुलर पोस्ट कर रहे हैं । यूजर्स के लिए डिजाइन कर रहे हैं । और आपके कंटेंट अगर यूजर्स को बहुत ज्यादा पसंद आ रहें हैं । तो गूगल के bots के लिए यह अच्छी signal होती है । इससे bots आपके पोस्ट को अच्छी रैंकिंग देते हैं और धीरे धीरे आपकी पोस्ट गूगल पर रैंक होनी शुरु हो जाती है ।

गूगल के bots वेबसाइट को हर पैरामीटर्स पर चेक करके रैंक करती है । इसलिए कोई भी ऐसी trick, technique का यूज न करें । जिससे आपके ब्लॉग, वेबसाइट की रैंकिंग effect होती हो । Keywords Stuffing, buying link, black hat SEO techniques करके आप भले ही कुछ समय के लिए अपनी वेबसाइट को गूगल में रैंक करा लें । पर यह लंबे समय तक के लिए काम में नहीं आयेगी । और गलत techniques को यूज में लाने के लिए गूगल आपके ब्लॉग, वेबसाइट को penalized भी कर सकता है । 

यह तो बात हो गई उन फैक्टर्स पर जिस पर एक website की रैंकिंग डिसाइड होती है । अपने वेबसाइट पर इन सारे फैक्टर्स को चेक करके आप अपनी website के रैंक होने का एक average समय निकाल सकते हैं । आखिर एक website को गूगल में रैंक होने में कितना समय लगता है ।


Website को गूगल में रैंक होने में कितना समय लगता है? ( How long does it take for a blog to rank on Google )

अगर average समय की बात करें SEO के द्वारा तो यह 3 से 6 महिने है । साथ ही यह website के keywords की popularity और उसके niche के competitiveness पर भी यह निर्भर करती है ।

Website के variables और उसके factors ( SEO, domain age, authority, popularity of keyword, content etc. ) के आधार पर किसी भी वेबसाइट के रैंक होने के समय का अंदाजा लगाया जा सकता है ।


निष्कर्ष

अगर website में सही तरीके से SEO किया जाए । Low competitive keywords पर काम किया जाए, अच्छी और quality content पोस्ट की जाए । तो वेबसाइट को बहुत ही कम समय में गूगल में रैंक कराया जा सकता है ।

इस आर्टिकल में हमनें वेबसाइट को रैंक कराने के बारे में जाना कि आखिर एक नयी website को गूगल में रैंक होने में कितना समय लगता है? या एक website गूगल में कैसे रैंक होती है? हम आशा करते हैं कि आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी होगी । अगर सभी भी आपके मन में कोई सवाल है । तो आप हमें नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं ।

धन्यवाद


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