Pogo Sticking क्या है? Bounce Rate और Pogosticking में क्या अंतर है

जब हम कोई वेबसाइट बनाते हैं । तो अपने वेबसाइट को सर्च इंजन में अच्छी visibility और अच्छी रैंकिंग के लिए SEO करते हैं । SEO में हम उन practises को करते हैं । जिससे की यूजर्स और सर्च इंजन हमारी वेबसाइट को बेहतर तरीके से जान सके । हमारे कंटेंट को बेहतर तरीके से समझ सके । इसके लिए हम SEO करते हैं ।

SEO एक long term प्रोसेस है । जिसे कि हमें अपने वेबसाइट के लिए लगातार करते रहने की जरूरत होती है । इससे हमारे वेबसाइट की रैंकिंग अच्छी होती है । SEO में हम अपने कंटेंट को यूजर्स के लिए डिजाइन करते हैं । जिससे यूजर्स हमारे कंटेंट को अच्छे से समझ सके ।

और इसके साथ ही हम अपने वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए optimized करते हैं । जिससे कि सर्च इंजन हमारी वेबसाइट को, हमारे niche और हमारे कंटेंट को समझ सके । और हमारी वेबसाइट को SERP में रैंक करा सके ।

जैसा कि हमने आपको बताया कि SEO एक long term प्रेक्टिस है । जिसे लगातार करते रहने और लगातार सीखते रहने की जरूरत होती है । यह एक बहुत बड़ा टॉपिक है । जिसे समझने में सालों लग जाते हैं । अगर आपकी कोई वेबसाइट है । तब आप इस बात को स्वीकार करते होंगे ।

SEO में वैसे तो बहुत सारे रैंकिंग फैक्टर्स हैं । जो हमारी वेबसाइट को direct और indirect रूप से effect करती है । गूगल के ही अपने करीब 200 रैंकिंग फैक्टर्स हैं । जिससे इंटरनेट पर किसी वेबसाइट की रैंकिंग डिसाइड होती है । इस आर्टिकल में हम SEO के ही एक direct ranking फैक्टर के बारे में बात करने वाले हैं । जिससे effect होने पर प्रायः वेबसाइट की रैंकिंग सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस ( SERP ) में कम हो जाती है । 

Pogo Sticking kya hai


इस आर्टिकल में हम Pogo Sticking के बारे में जानने वाले हैं । इस पोस्ट में हम जानेंगे कि Pogo Sticking क्या है? Bounce Rate और Pogo Sticking में क्या अंतर है? साथ ही हम जानेंगे कि वो कौन कौन से फैक्टर्स हैं । जिससे हमारी वेबसाइट pogo sticking से effect होती है । इससे बचने के लिए हम अपनी वेबसाइट पर क्या changes कर सकते हैं? आदि सारी जानकारियां हम इस आर्टिकल में जानेंगे । 


Pogo Sticking क्या है? ( What is Pogo Sticking in SEO Hindi )

Pogo Sticking में यूजर बिना अपनी query change किए अलग अलग सर्च रिजल्ट्स पर visit करता है । जो उसके query को satisfied कर सके । तो इसे Pogo Sticking कहते हैं । इसमें यूजर द्वारा एक रिजल्ट से दूसरे रिजल्ट पर जाने का समय कुछ seconds का होता है ।

दूसरे शब्दों में: जब कोई यूजर गूगल में कोई query सर्च करता है । तो गूगल उस यूजर को उसके query के according SERP में टॉप रिजल्ट्स दिखाता है । जब यूजर किसी एक रिजल्ट ( वेबसाइट ) पर क्लिक करता है । क्लिक करने पर वह यूजर उस रिजल्ट के Landing page पर जाता है । और कुछ ही सेकंड में यूजर SERP में वापस आ जाता है । और ऐसे ही वह यूजर दूसरे वाले और फिर तीसरे वाले रिजल्ट के साथ करता है ।

यूजर द्वारा यह activity Pogo Sticking कहलाता है । इसमें यूजर दिखाए जा रहे अलग अलग रिजल्ट्स से satisfied नहीं होता है । और यूजर अपनी query को satisfied करने के लिए अलग अलग रिजल्ट्स पर visit करता है । और उन रिजल्ट्स से तुरंत वापस आ जाता है । जब यूजर को उसके relevant कंटेंट्स नहीं मिलता है । तब यूजर pogo sticking करता है ।

जब यूजर्स द्वारा वेबसाइट पर pogo sticking होती है । तो इससे गूगल को एक signal जाता है कि रैंक कर रही वेबसाइट्स यूजर्स को satisfied नहीं कर पा रही है । और इससे वेबसाइट की रैंकिंग SERP में कम हो जाती है । यह किसी भी वेबसाइट के लिए अच्छी नहीं है कि यूजर्स pogo sticking करें । और वेबसाइट की रैंकिंग down हो ।

अगर आप SEO के बारे में जानते हैं या अपनी वेबसाइट पर SEO करते हैं । तो आपको पता होगा कि SERP में टॉप में रैंक करने के लिए अपनी वेबसाइट पर proper SEO करना पड़ता है । अच्छे और क्वालिटी कंटेंट पोस्ट करनी पड़ती है । जिसे यूजर्स पसंद करें । जो यूजर्स को अच्छी जानकारी देती है । तब जाकर कोई वेबसाइट सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस पर टॉप में रैंक कर पाती है ।

जब टॉप में रैंक कर रही वेबसाइट्स पर यूजर्स pogo sticking करते हैं । एक वेबसाइट से वापस आकर दूसरे वेबसाइट पर तुरंत मूव करते हैं । और दूसरे साइट से फिर तीसरे वेबसाइट पर मूव करते हैं । तो गूगल ऐसी स्थिति में यूजर्स को "people also search for" suggest करता है । इसमें यूजर्स के query के relevant queries होती है । जो कि बाकि यूजर्स द्वारा पूछे जाते हैं ।

जब यूजर कोई क्वेरी सर्च करता है । और क्वेरी पर गूगल उस यूजर को रिजल्ट्स देता है । जब यूजर पहले वाले रिजल्ट पर क्लिक करके वेबसाइट के landing page पर जाता है । और तुरंत वापस आ जाता है । दूसरे रिजल्ट पर क्लिक करने से पहले अगर यूजर अपनी query change कर देता है । तो यह pogo sticking नहीं होती है । 

जब यूजर अपनी query change करता है । तो गूगल को लगता है कि सर्च इंजन में रैंक कर रही वेबसाइट्स सही है । बस यूजर ने गलत query की हुई है । गूगल यूजर को क्वेरी change करने के लिए people also search for दिखाता है । ताकि यूजर्स को उनके हिसाब की क्वेरी मिल सकें । अगर यूजर दिखाए जा रहे people also search for के queries पर क्लिक करता है । तो यह भी pogo sticking नहीं होती है । क्योंकि इससे यूजर की क्वेरी change हो जाती है । और यूजर को सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में नए रिजल्ट्स दिखाएं जाते हैं ।

यह तो बात हो गई pogo sticking की । आखिर pogo sticking क्या है? किस तरह की activity को pogo sticking कहते हैं? आइए जानते हैं अब उन मुख्य कारणों को जिसकी वजह से यूजर्स pogo sticking करते हैं ।


Pogo Sticking होने के क्या कारण हैं? ( Causes of Pogo Sticking in SEO Hindi )

नीचे कुछ मुख्य कारण बताएं गए हैं । जिसे कि हमें अपनी वेबसाइट पर avoid करनी चाहिए । जिससे कि यूजर्स हमारी वेबसाइट से pogo sticking न करें । और हमारे वेबसाइट की रैंकिंग कम न हो । 

Page Loading Time

अगर वेबसाइट के पेजेस को load होने में ज्यादा समय लगता है । तो यह यूजर्स द्वारा pogo sticking करने का कारण बनती है । साथ ही यह हमारी वेबसाइट के लिए अच्छी नहीं होती है । अगर हमारी वेबसाइट को खुलने में ज्यादा समय लगता है । हमारे webpages को load होने में ज्यादा समय लगता है । तो इससे हमारे वेबसाइट की रैंकिंग सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में effect होती है ।

हमें हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि हमारे वेबसाइट का load time कम हो । हमारे webpages को load होने में ज्यादा समय न लगे । अगर ज्यादा समय लगता है । तो यूजर्स तुरंत ही हमारी वेबसाइट को छोड़ कर किसी दुसरे वेबसाइट पर चला जाएगा । वेबसाइट में इमेजेस को compress करके यूज करें । यह वेबसाइट के load time को बहुत हद तक कम करने का काम करती है । 


Title और Meta Description

जब यूजर गूगल में कोई कीवर्ड सर्च करता है । तो गूगल यूजर को रिजल्ट दिखाता है । सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में वेबसाइट्स का सिर्फ title और meta description ही यूजर्स को दिखाई देता है । जो भी title, description यूजर्स को अच्छा लगता है, उस पर यूजर क्लिक करता है ।

अगर यूजर title और meta description पढ़ कर उस रिजल्ट के landing page पर जाता है । और यूजर को वह landing page उस रिजल्ट के title और meta description के relevant नहीं मिलता है । तो इससे भी यूजर्स pogo sticking करते हैं । इसलिए कभी भी हमें अपने title और meta description को अपने main कंटेंट से अलग नहीं रखनी चाहिए । Title, description और अपने कंटेंट के बीच relevancy बनाएं रखें । 


Auto Play Videos

वेबसाइट में अपने कंटेंट के according विडियोज रखने से यूजर्स हमारे कंटेंट को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं । विडियोज होने से यूजर्स ज्यादा से ज्यादा समय हमारी वेबसाइट पर बिताते हैं । यह हमारी वेबसाइट के dual time को increase करने का काम करती है ।

लेकिन अगर वेबपेज load होने के साथ ही विडियोज auto play हो जाते हैं । तो इसे यूजर्स बिल्कुल भी पसंद नहीं करते हैं । ये यूजर्स के अनुभव को खराब करती है । अगर आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट में विडियोज का यूज करते हैं । तो कोशिश करें कि वह auto play न हो ।


Too many Pop up Windows

अगर आप ब्लॉग्स पढ़ते हैं । तो आपको ब्लॉग पढ़ते समय बहुत से popup windows दिखाई देते होंगे । इसमें यूजर्स को newsletter को सब्सक्राइब करने, log in और review करने के लिए यूजर्स को दिखाया जाता है । 

कुछ तो यूजर्स के लिए अच्छी होती है । लेकिन बहुत सारे pop-ups यूजर्स के लिए यूजफुल नही होती है । इसे भी यूजर्स पसंद नहीं करते हैं । और तुरंत ही हमारी वेबसाइट को छोड़ कर किसी दुसरे वेबसाइट पर चले जाते हैं । और इस वजह से भी यूजर्स द्वारा pogo sticking होती है ।


Website Design

अगर आपके वेबसाइट की डिजाइन अच्छी नहीं है । तो यह भी pogo sticking का कारण बनती है । अगर यूजर्स को आपके वेबसाइट का interface अच्छा नहीं लगता है । आपके वेबसाइट और आपके कंटेंट की formatting समझ में नहीं आती है । तो यह भी यूजर्स को अच्छी नहीं लगती है । और यूजर्स किसी दूसरे साइट पर चलें जाते हैं ।

कोशिश करें कि आपके वेबसाइट का डिजाइन बेहतर तरीके से किया गया हो । जो यूजर्स को समझ में आए जिसे यूजर्स पसंद करें । अपने वेबसाइट पर अच्छी formating करें । अपने आर्टिकल को बेहतर तरीके से optimized करें । जिससे कि यूजर्स को आपके वेबसाइट की डिजाइन और आपके कंटेंट की formatting अच्छे से समझ में आ सकें । साइट में images, infographics का यूज करें ।


Redirections

अगर यूजर्स आपके वेबसाइट के landing page से automatically किसी दुसरे वेबसाइट पर redirect कर जाते हैं । तो इससे भी pogo sticking होता है । कभी भी अपने यूजर्स को automatically किसी दुसरे URLs पर redirect न करें । जो यूजर्स के relevant नहीं होती है । इससे भी यूजर्स का अनुभव खराब होता है ।

और इसके साथ ही अगर यूजर्स को आपके वेबसाइट के landing page पर error दिखाई देता है । तो इससे भी यूजर्स किसी दूसरे वेबसाइट पर जाना पसंद करते हैं । 

ये वो कुछ मुख्य पॉइंट्स हैं । जिससे कि यूजर्स pogo sticking करते हैं । हमें इन points पर ध्यान देनी चाहिए । और अपने वेबसाइट को optimized करनी चाहिए । जिससे कि हमारे वेबसाइट की रैंकिंग कम न हो ।


Bounce Rate और Pogo Sticking में क्या अंतर है? ( Difference between Bounce Rate and Pogo Sticking in SEO Hindi )

अगर आपने Bounce Rate के बारे में पढ़ा होगा । तो आपको pogo sticking bounce rate के जैसा लगा होगा । वो इसलिए क्योंकि इन दोनों mattresses में यूजर्स हमारी साइट को छोड़ कर चले जाते हैं । लेकिन ऐसा नहीं है । ये दोनों अलग अलग फैक्टर हैं ।

Bounce Rate

जब कोई यूजर हमारे वेबसाइट के landing page पर आता है । कुछ समय तक हमारे आर्टिकल को पढ़ता है । और हमारे वेबसाइट के बाकि webpages को visit न करके अगर यूजर सिर्फ landing page से ही वापस आ जाता है । तो यह उस यूजर द्वारा वेबसाइट से bounce करना होता है । और ऐसे यूजर्स के percentage को Bounce Rate कहते हैं । इसमें यूजर्स हमारे वेबसाइट के सिर्फ एक आर्टिकल को पढ़कर ही साइट से चलें जाते हैं ।


Pogo Sticking

जब कोई यूजर बिना अपनी क्वेरी बदले एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट पर visit करता है । तो यह pogo sticking कहलाता है । इसमें यूजर अपने किए गए क्वेरी को पूरी तरह से satisfied करने की कोशिश करता है । 

Pogo Sticking में यूजर्स की पूरी activity SERP के इर्द गिर्द घूमती है । यूजर एक रिजल्ट से दूसरे रिजल्ट पर जाता है । लेकिन Bounce Rate में यूजर्स की पूरी activity वेबसाइट के landing page पर होती है । यह मुख्य कारण है इन दोनों फैक्टर्स के अलग अलग होने में ।


निष्कर्ष

जब यूजर्स को सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में दिखाई जा रही रिजल्ट्स यूजर्स के क्वेरी को fulfil नहीं कर पाती है । और यूजर्स बिना अपनी क्वेरी change किए एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट पर visit करता है । तो यूजर्स द्वारा यह activity Pogo Sticking कहलाती है ।

इस आर्टिकल में हमनें Pogo Sticking के बारे में जाना आखिर Pogo Sticking क्या है? Bounce Rate और Pogo Sticking में क्या अंतर है? साथ ही हमने उन कारणों के बारे में भी जाना । जिससे कि यूजर्स द्वारा pogo sticking होती है । और जिसे की हमें अपने ब्लॉग, वेबसाइट पर avoid करनी चाहिए । 

आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी? हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं । साथ ही अगर आपको इस पोस्ट के संबंध में कोई सवाल हो । तो आप हमें कॉमेंट में पूछ सकते हैं ।

धन्यवाद


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