Passage Indexing क्या है? कैसे काम करता है

गूगल हर साल अपने algorithms में कई सारे अपडेट्स करते रहता है । कुछ अपडेट्स बड़े होते हैं । तो कुछ छोटे ।

कुछ अपडेट्स की वजह से वेबसाइट्स की रैंकिंग या तो बढ़ जाती है या फिर घट जाती है । तो कभी इन अपडेट्स से वेबसाइट्स पर कुछ खास असर नहीं होता है । 

गूगल की पहली प्राथमिकता उनके यूजर्स हैं । गूगल जो भी अपडेट लाता है । वह अपने यूजर्स के सर्च एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लाता है । गूगल के 200 से भी ज्यादा रैंकिंग algorithms हैं । जो यूजर्स के search experience को बेहतर बनाने का काम करती है ।

Search Engine Results Pages ( SERP ) में जो रिजल्ट्स दिखाई देता है । उन सारे रिजल्ट्स को गूगल के ये algorithms चेक करते हैं । ये algorithm वेबसाइट को हर फैक्टर पर चेक करती है । और चेक करने के बाद हर वेबपेज को एक पेज रैंक देने का काम करती है ।

जो भी वेबसाइट content, backlinks, keywords,  user experience, website speed, title, meta description, आदि सारे फैक्टर्स पर अच्छी होती है । जो यूजर्स के क्वेरी को पूरी तरह से satisfied कर पाती है । वह वेबसाइट गूगल के SERP में top पर रैंक करती है । 

गूगल के ये algorithms यूजर्स के एक्सपीरियंस को तो बेहतर बनाते ही हैं । साथ ही यह spamming को रोकने के लिए भी डिजाइन की गई है । जिससे कि कोई भी वेबसाइट गलत तरीके से गूगल में रैंक न करें । और यूजर्स का एक्सपीरियंस खराब न हो । बस इसी कारण से गूगल लगातार अपने algorithms को update करते रहता है ।

Passage Indexing kya hai


इस आर्टिकल में हम गूगल के ही एक रैंकिंग फैक्टर पैसेज indexing के बारे में जानने वाले हैं । जानेंगे कि गूगल का Passage Indexing क्या है? कैसे काम करता है? यह normal indexing से किस तरह से अलग है? और साथ ही इसके लिए हमें अपने webpages पर क्या changes करने चाहिए? आदि के बारे में हम इस पोस्ट में जानेंगे ।


Passage Indexing क्या है?

Passage Indexing में गूगल अब किसी एक वेबपेज के particular paragraph को index करके रैंक करेगा । जो यूजर्स के क्वेरी के एकदम relevant होगी । फिर चाहें उस वेबपेज का बाकि कंटेंट यूजर्स के relevant न हों । यह passage indexing है । गूगल ने अपने इस रैंकिंग फैक्टर को 20 अक्टूबर, 2020 को लॉन्च किया है ।


Passage Indexing कैसे काम करता है?

गूगल अब किसी एक वेबपेज ( आर्टिकल ) को रैंक करने के बजाय अब उस वेबपेज के paragraphs को भी index और रैंक करेगा । इसमें अब किसी वेबसाइट का एक particular paragraph रैंक होगा । जो यूजर्स के की गई क्वेरी को पूरी तरह से satisfied कर पाता हो । जो यूजर्स के कीवर्ड के relevant जानकारी देता हो । 

यह normal indexing की ही तरह है । इसमें भी साइट का पूरा का पूरा वेबपेज index होगा । लेकिन इसमें गूगल अपने सर्च रिजल्ट्स में वेबपेज के किसी एक paragraph को रैंक करेगा । जो यूजर्स के क्वेरी के एकदम relevant होगी । फिर चाहें उस वेबपेज के बाकि paragraph यूजर्स के relevant न हो । यह passage indexing है ।


Passage Indexing से किसको फायदा होगा?

Passage Indexing से भले ही किसी ब्लॉगर या SEOs को ज्यादा फायदा न हो । लेकिन यह यूजर्स के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित होने वाला है । वो इसलिए क्योंकि अब passage indexing की वजह से यूजर्स को उनके क्वेरी के relevant जानकारी गूगल के सर्च रिजल्ट में एक पूरे paragraph के तौर पर दिखाया जायेगा । अब यूजर्स को अपनी क्वेरी के जवाब जानने के लिए किसी एक वेबपेज पर visit करने की कोई जरूरत नहीं होगी । 

वहीं अगर ब्लॉगर्स और SEOs की बात करें । तो इससे उन bloggers और SEOs को फायदा होगा । जिनके लिखें paragraph यूजर्स के किसी एक क्वेरी को पूरी तरह से satisfied कर पाती हो । जो क्वेरी के relevant होगी ।

वह paragraph गूगल के SERP में रैंक कर पायेगी ।


Passage Indexing के लिए क्या करें?

Passage Indexing का सीधा सीधा मतलब वेबसाइट के paragraph indexing से ही है । किसी वेबपेज की बजाय अब गूगल में paragraphs रैंक होंगें । Passage Indexing के लिए हमें निम्न बातों का ध्यान रखना होगा-

  • छोटे paragraphs रखें
  • Paragraphs को सारांश की तरह रखें
  • Keyword का सही से यूज करें
  • Spelling और Grammer चेक करें
  • Paragraphs को mobile devices पर चेक करें

छोटे paragraphs रखें

Passage Indexing का मतलब पैराग्राफ indexing ही है । इसलिए हमें अपने webpages के पैराग्राफ पर ध्यान देने की जरूरत है । एक paragraph को 5 से 6 lines में लिखें । छोटे paragraphs से यूजर्स को पढ़ने में आसानी होती है । छोटे sentences में अपने पैराग्राफ को लिखें ।


Paragraphs को सारांश की तरह लिखें

Paragraphs को सारांश की तरह लिखने का यह मतलब है कि paragraphs को अपने आप में पूरा रखें । जैसे कि अगर कोई यूजर अचानक से आपके वेबपेज के किसी एक paragraph को पढ़ता है । तो यूजर को कहीं से भी वह paragraph आधी अधूरी न लगे । वह paragraph यूजर को अच्छे से और पूरी तरह से समझ में आती हो ।


Keyword का सही से यूज करें

वेबपेज keywords पर ही रैंक होती है । लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सिर्फ वेबपेज को रैंक कराने के लिए ज्यादा संख्या में keywords का यूज करें । अपने वेबपेज के paragraphs में उतने ही keywords का यूज करें । जितने में आपका आर्टिकल पढ़ने में अच्छा लगता हो । जो कहीं से भी keywords stuffing न लगती हो ।


Spelling और Grammer चेक करें

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया की गूगल के अलग अलग algorithms वेबसाइट को हर तरह से चेक करती है । और अच्छे से चेक करने के बाद गूगल वेबसाइट को SERP में रैंक करती है । इसलिए आप अपने webpages में spelling और grammatical mistakes न करें । 

अपने ब्लॉग, वेबसाइट के webpages को एक यूजर की तरह से पढ़ें । और समझे कि आपने अपने वेबपेज में क्या और कैसे लिखा है । Spelling और Grammer में गलती होने पर आप अपने webpages में सुधार करें । 


Paragraphs को mobile devices पर चेक करें

अपने लिखे paragraphs को mobile devices पर जरूर चेक करें । और देखें कि आपका paragraph अच्छे से समझ में आ रहा है या नहीं । मोबाइल यूजर्स आज के समय में बहुत ज्यादा हैं । जो इंटरनेट का यूज करने के लिए मोबाइल का यूज करते हैं । इसलिए अपने वेबपेज और वेबसाइट को मोबाइल devices पर जरूर चेक करें ।


निष्कर्ष

गूगल अब किसी एक वेबपेज को रैंक न करके अब उस वेबपेज के किसी एक paragraph को index और रैंक करेगा । जो यूजर्स के क्वेरी के रिलेवेंट होगी । चाहें बाकि के paragraphs यूजर्स के क्वेरी के relevant न हो । यह passage indexing या paragraph indexing है ।

इस आर्टिकल में हमनें आपको passage indexing के बारे में जानकारी दी । आखिर passage indexing क्या है? कैसे काम करता है? इसके लिए हमें अपने webpage पर क्या changes करने चाहिए? आदि के बारे में जाना ।

आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी? हमें जरूर बताएं । और साथ ही अगर आपको इस पोस्ट के संदर्भ में कोई सवाल हो तो आप हमसे कमेन्ट में पूछ सकते हैं ।

धन्यवाद

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