गूगल Sandbox क्या है? क्या Sandbox exist करता है?

गूगल Sandbox क्या है? ये सवाल अक्सर नए ब्लॉगर्स के द्वारा पूछा जाता है । आखिर Sandbox क्या है? और कैसे काम करता है? वो इसलिए क्योंकि जब वे ब्लॉगिंग फील्ड में आते हैं । ब्लॉगिंग के बारे में जानने लगते हैं कि ब्लॉगिंग से अच्छा पैसा और future बनाया जा सकता है । तो वे सामान्य रूप से अपनी एक वेबसाइट बनाते हैं । और उसमें low competitive keyword पर आर्टिकल लिखते हैं ।

नए ब्लॉगर्स को अक्सर low competitive keywords पर आर्टिकल लिखने के लिए कहा जाता है । और ये बात सही भी है । जो ब्लॉगिंग में नए होते हैं । उनके लिए low competitive कीवर्ड पर रैंक करना आसान होता है ।

जब नए ब्लॉगर्स low competitive keywords पर काम करते हैं । तब भी उनकी वेबसाइट गूगल में रैंक नहीं कर पाती है । जब वे पता लगाने की कोशिश करते हैं कि उनकी वेबसाइट गूगल में रैंक क्यों नहीं कर पा रही है? तो इस पर नए ब्लॉगर्स को बैकलिंक बनाने के बारे में कहा जाता है । बैकलिंक बनाने से पोस्ट जल्दी रैंक करती है ।

क्या वाकई में नयी वेबसाइट के लिए बैकलिंक बना लेने से वह वेबसाइट और उसके आर्टिकल, पोस्ट गूगल में रैंक कर जाती है? इसका जवाब है नहीं । जब नए ब्लॉगर्स low competitive keyword पर आर्टिकल लिखते हैं । अपने पोस्ट के लिए क्वालिटी बैकलिंक बनाते हैं । और इसके बाद भी उनकी पोस्ट रैंक नहीं कर पाती है । तो अब उन्हें सामान्यता क्वालिटी कंटेंट लिखने की सलाह दी जाती है ।

अब नए ब्लॉगर्स low competitive keywords में अच्छे quality content लिखना शुरू कर देते हैं । अपनी पोस्ट के लिए quality backlink बनाते हैं । और इसके बाद भी उन्हें अपनी वेबसाइट पर कुछ खास progress देखने को नहीं मिलता है । इतने सारे practises करने के बाद भी जब उनकी वेबसाइट गूगल में रैंक नहीं कर पाती है । तो बहुत से नए ब्लॉगर्स यहीं पे ब्लॉगिंग छोड़ देते हैं ।

ये सवाल उठता है कि इतने सारे SEO practices करने के बाद भी नई वेबसाइट गूगल में रैंक क्यों नहीं करती है? नई वेबसाइट पर traffic क्यों नहीं आता है? नए ब्लॉगर्स जब ये पता करने की कोशिश करते हैं कि नई वेबसाइट्स गूगल में रैंक क्यों नहीं करती है? तब जाकर अंत में उन्हें कहीं से गूगल के Sandbox के बारे में पता चलता है ।

जब नए ब्लॉगर्स गूगल के Sandbox के बारे में पता करते हैं । तो सामान्यता वे अपनी वेबसाइट को गूगल Sandbox से बाहर निकालने की कोशिश करते हैं । नए ब्लॉगर्स उन practises को करते हैं । जिससे कि उनकी वेबसाइट इस Sandbox से बाहर आ जाए और गूगल में रैंक कर जाए ।

गूगल Sandbox के बारे में कहा जाता है कि जो भी नई वेबसाइट होती है । वह गूगल के Sandbox के अंदर रहती है । Sandbox में रहने से कोई वेबसाइट गूगल में रैंक नहीं कर पाती है । Sandbox एक provision period के तौर पर बताया जाता है कि जब तक नई वेबसाइट इस provision period में है । तब तक वेबसाइट किसी भी तरह से रैंक नहीं कर पाती है । इस period में वेबसाइट में कितनी ही अच्छी क्वालिटी कंटेंट और अच्छी SEO प्रेक्टिस की जा रही हो वेबसाइट जल्दी से रैंक नहीं करती है ।

हम आपको बता दें कि Sandbox जैसी कोई चीज होती ही नहीं है । गूगल के पास Sandbox जैसी कोई चीज नहीं है । और गूगल भी इस बात से साफ इंकार कर चुका है कि उनके पास गूगल Sandbox जैसी कोई algorithm है । जिससे चलते नई वेबसाइट रैंक नहीं कर पाती है ।

Google Sandbox


John Muller जो कि गूगल के senior webmaster trends analyst हैं । उन्होंने अपने एक वीडियो में कहा है कि गूगल के पास sandbox जैसी कोई चीज नहीं है ।

अगर अभी आपके मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब Sandbox जैसी कोई चीज है ही नहीं । फिर क्यों SEOs और ब्लॉगर्स इसके बारे में बात करते हैं । क्यों ये कहा जाता है कि जो नई वेबसाइट होती है । वह Sandbox में रखी जाती है । और साथ ही क्यों हमें अपनी वेबसाइट को Sandbox से बाहर निकलने के लिए बताया जाता है ।

दरअसल Sandbox शब्द 2004 में अपने existence में आया था । जब कई सारे SEO professionals जिनकी वेबसाइट थी । उन्होंने जब देखा कि सारी SEO efforts करने के बाद भी उनकी वेबसाइट गूगल में रैंक नहीं कर पा रही है । हालांकि उनकी वेबसाइट बाकि के सर्च इंजन जैसे bing, Yahoo में उन्ही keywords पर अच्छे से रैंक कर रही थी । जब उन्होंने यह effect देखा तो उन्होंने इसे "Google Sandbox Effect" का नाम दिया गया । और उसी समय से यह शब्द अपने चलन में है ।

Google Sandbox kya hai


गूगल Sandbox क्या है?

गूगल Sandbox एक काल्पनिक provision period है, इस provision period में गूगल किसी भी नई वेबसाइट को कुछ महिनों के लिए रैंक नहीं करता है । फिर चाहें उस वेबसाइट पर कितनी ही अच्छी SEO प्रेक्टिस की गई हो ।

हमनें इसे काल्पनिक इसलिए कहा है । क्योंकि यह time fix नहीं है । कोई वेबसाइट को गूगल में रैंक करने के लिए कितना समय लगेगा । यह उस वेबसाइट के SEO efforts, content, regularity पर निर्भर करती है ।

वेबसाइट पर भले ही अच्छी quality content लिखी गई हो । उसमें अच्छी SEO की गई हो । फिर भी गूगल को कुछ समय लगता है । वेबसाइट को रैंक कराने के लिए ।

इस provision period में गूगल वेबसाइट के कंटेंट को देखता और समझता है । वेबसाइट में हो रहे activities को देखता है । तब जाकर कोई साइट गूगल में धीरे धीरे रैंक कर पाती है । अगर आपकी वेबसाइट 6 महिने पूरानी है । तो अभी भी गूगल के लिए वह एक नयी वेबसाइट ही है ।


क्या Sandbox exists करता है?

अगर हम गूगल की बात करें तो गूगल के John Muller जो कि Senior Webmaster Trends Analyst हैं ।  उन्होंने अपने video में कहा है कि गूगल के पास ऐसी कोई Sandbox नहीं है । जिसके बारे में बहुत सारे SEOs बात करते हैं । लेकिन हमारे पास ऐसे no. of algorithms हैं, जो Sandbox के जैसे दिखाई पड़ते हैं ।

कहने का मतलब है कि अगर कोई नयी वेबसाइट है । तो वह गूगल में तुरंत रैंक नहीं करेगी । वेबसाइट को सर्च इंजन में अच्छे से visible होने में कुछ समय लगता है ।

Low competitive keywords और बेहतर SEO practices करने पर भी नयी वेबसाइट गूगल में जल्दी से रैंक नहीं कर पाती है । गूगल के algorithms कुछ इस तरह से डिजाइन की गई है । जो नयी वेबसाइट को slow रैंक करती है । अतः हम यह कह सकते हैं कि Sandbox जैसी कोई चीज नहीं होती है । गूगल बस नयी वेबसाइट को कुछ समय के लिए provision period में रखता है ।

जो नयी वेबसाइट होती है । उसकी डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी उतनी अच्छी नहीं होती है । जितनी की पूराने वाले वेबसाइट्स की होती है । किसी भी नयी वेबसाइट के लिए यह आसान नहीं है कि वो पूरानी वेबसाइट को beat करके रैंक कर जाएं । एक नयी वेबसाइट को रैंक करने और अथॉरिटी वेबसाइट बनने में कुछ समय लगता है ।


निष्कर्ष

गूगल के ऐसे बहुत सारे algorithms, रैंकिंग फैक्टर्स हैं । जो इस तरह से डिजाइन की गई है । जिससे कि कोई भी नयी वेबसाइट एकदम से गूगल में रैंक न कर जाए । 

ऐसे algorithms नयी वेबसाइट को कुछ समय के लिए एक ऐसी period में रखती है । जिससे कि गूगल उस नयी वेबसाइट को अच्छे से जान और समझ सके । हालांकि इस period को बहुत से SEOs गूगल Sandbox का नाम देते हैं । जिसके चलते नयी वेबसाइट रैंक नहीं कर पाती है ।

गूगल कभी भी नयी वेबसाइट्स को सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस ( SERP ) में जल्दी से जगह नहीं देती है । जो जगह पहले से ही किसी authority वेबसाइट ने बना के रखी हुई है । जब तक नयी वेबसाइट एक authority वेबसाइट नहीं बन जाती । तब तक उस वेबसाइट पर न तो ट्रैफिक आती है । और न ही वो पूरानी वेबसाइट को पीछे छोड़ पाती है ।

इस आर्टिकल में हमनें गूगल Sandbox के बारे में जाना । आखिर गूगल Sandbox क्या है? क्या Sandbox exist करता है? आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी? आपको यह जानकारी अच्छी लगी या नहीं हमें जरूर बताएं । ताकि हम इस आर्टिकल को और भी ज्यादा बेहतर बना सके ।

अगर आपको यह जानकारी useful लगी हो । तो आप उस आर्टिकल को अपने किसी दोस्त, भाई, रिश्तेदार आदि को जरूर शेयर करें । जो ब्लॉगिंग में नए हैं । और जिन्होंने नयी नयी वेबसाइट बनायी है । यह जानकारी उनके लिए फायदेमंद साबित होगी ।

धन्यवाद

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