गूगल E-A-T क्या है? और कैसे काम करता है

अगर आप एक ब्लॉग या वेबसाइट चलाते हैं । SEO के बारे में जानकारी रखते हैं । तो आपको गूगल के अलग अलग रैंकिंग फैक्टर्स के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी अवश्य होगी । गूगल के 200 से भी ज्यादा रैंकिंग फैक्टर्स हैं । जोकि सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस ( SERP ) में वेबसाइट्स की रैंकिंग डिसाइड करने का काम करती है । 

ये रैंकिंग फैक्टर्स वेबसाइट की अथॉरिटी, बैकलिंक, कंटेंट, वेबसाइट स्पीड, यूजर एक्सपीरियंस आदि सारी चीजों को चेक करने का काम करती है । और उन वेबसाइट्स को रैंक करती है । जो यूजर्स को अच्छी क्वालिटी कंटेंट प्रोवाइड करती है । जिसे पढ़कर यूजर्स को कुछ अच्छी जानकारी प्राप्त होती है । जो यूजर्स को कुछ वैल्यू प्रोवाइड करती है ।

गूगल जब-जब अपने अलग अलग तरह के रैंकिंग फैक्टर्स को अपडेट करता है । तब-तब सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में रैंक कर रही वेबसाइट्स effect करती है । सर्च इंजन में रैंक कर रही वेबसाइट्स की रैंकिंग up down होती है । अगर आप डिजिटल मार्केटिंग में हैं । तब आपको गूगल के इन रैंकिंग फैक्टर्स के बारे में जानकारी रखनी चाहिए । 

आज हम आपको गूगल के जिस रैंकिंग फैक्टर के बारे में बताने वाले हैं । उससे हमारी वेबसाइट आज और आने वाले समय में बहुत ज्यादा effect करने वाली है ।

E-A-T kya hai


इस आर्टिकल में हम गूगल E-A-T के बारे में जानने वाले हैं । जानेंगे कि गूगल E-A-T क्या है? और कैसे काम करता है? यह किस तरह से किसी वेबसाइट पर effect करती है । साथ ही इससे हम अपनी वेबसाइट को किस तरह से optimized कर सकते हैं? आदि सारी जानकारी हम इस आर्टिकल में जानने वाले हैं । 


गूगल E-A-T क्या है? और कैसे काम करता है? ( What is E-A-T in SEO )

E-A-T ( Expertise Authoritativeness Trustworthiness ) वेबसाइट में तीन चीजों को judge करके रैंकिंग देता है । जिसमें author को अपने field की expertise, site की authority और trust को चेक किया जाता है । 

दूसरे शब्दों में: गूगल E-A-T में वेबसाइट के author की expertise देखी जाती है । वेबसाइट में जिसने आर्टिकल लिखा है वह अपनी फील्ड में कितना expert है? वेबसाइट के कंटेंट कैसे हैं? क्या कंटेंट original है, कंटेंट में सही बात लिखी गई है? और क्या यूजर्स उस वेबसाइट पर भरोसा करते हैं? ये तीन पैरामीटर्स को चेक करने के बाद गूगल E-A-T वेबसाइट को एक रैंकिंग स्कोर देता है ।

जो वेबसाइट्स इन तीन तरह के पैरामीटर्स में सही साबित होगी । जो साइट अपनी expertise, authority और trust को वेरिफाई करा पायेगी । उन सारी वेबसाइट्स को E-A-T की तरफ से एक रैंकिंग signal मिलेगी । और वह वेबसाइट या ब्लॉग SERP में और बेहतर रैंक कर पायेगी ।

आइए इसे हम और भी बेहतर तरीके से समझते हैं कि आखिर गूगल को इस रैंकिंग फैक्टर की जरूरत क्यों पड़ी ।


E-A-T की जरूरत क्यों पड़ी?

इस सवाल के जवाब को हम एक उदाहरण से समझते हैं । अगर कोई एक इंसान डिजिटल मार्केटिंग के फील्ड में है । उसको डिजिटल मार्केटिंग के बारे में बहुत अच्छी जानकारी है । वह अपने ब्लॉग्स digital marketing के बारे में लिखता है । और उसके द्वारा लिखें गएं सारे ब्लॉग, आर्टिकल सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में रैंक कर रही है ।

अब यही इंसान अगर एक और ब्लॉग ( वेबसाइट ) शुरू करता है । और उसमें वह health के टॉपिक पर आर्टिकल लिखता है । और बहुत ही अच्छे आर्टिकल लिखता है । अब सवाल ये उठता है कि क्या गूगल को ऐसे आर्टिकल को रैंक करानी चाहिए? जिसका author health के टॉपिक पर आर्टिकल लिखता है । और वह एक डिजिटल मार्केटर है ।

इसका जवाब है, नहीं बिल्कुल भी नहीं । क्योंकि वह इंसान health पर आर्टिकल लिखने के लिए right person नहीं है । अगर किसी तरह से ऐसे आर्टिकल गूगल में रैंक कर जाते हैं । तो यूजर्स को इससे बहुत ज्यादा नुकसान होने वाला है । यूजर्स को गलत तरह की जानकारी प्राप्त होगी । 

इसी चीज को गूगल ने समझा और उसे E-A-T रैंकिंग फैक्टर की जरूरत पड़ी । अब गूगल E-A-T की मदद से उन आर्टिकल, वेबसाइट्स को बेहतर रैंक कराता है । जिसका author एक right person होता है । जिस वेबसाइट के आर्टिकल की authority अच्छी होती है । और जो वेबसाइट भरोसेमंद होती है । जिसपर यूजर्स भरोसा करते हैं । ऐसे साइट्स अब SERP में रैंक होती है ।


E-A-T से कौन-सी वेबसाइट्स effect होगी?

E-A-T से वैसे तो हर तरह की वेबसाइट्स effect होगी । लेकिन जो वेबसाइट YMYL ( Your Money Your Life ) से रिलेटेड होगी । जो money और life के बारे में आर्टिकल लिखती होगी । उस वेबसाइट पर E-A-T का ज्यादा असर दिखने को मिलेगा । 

YMYL उन टॉपिक्स और पेजेस वाले वेबसाइट्स को कहते हैं । जिससे किसी एक person की future happiness, financial stability, health, safety आदि पर खासा impact पड़ता है । 

YMYL में health, life, fitness, finance, advise, safety, taxes, loans, banking, retirement planning, social institute, purchases online, choosing a house, college, school, job, legal issues, purchase of goods/services, lawyer, medical, shopping, mental आदि साइट्स आती है । जो इस रैंकिंग फैक्टर से ज्यादा effect करेगी । 


E-A-T के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जैसे कि हमने आपको जानकारी दी की E-A-T वेबसाइट की कंटेंट क्वालिटी, authority और trust को महत्व देती है । जिस वेबसाइट में ये तीनों फैक्टर सही और बेहतर होगी । वह वेबसाइट गूगल में ज्यादा रैंक कर पायेगी । नीचे कुछ पॉइंट्स दिए गए हैं । जिसे करके हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट को बेहतर तरीके से optimized कर सकते हैं ।

  1. सबसे पहले आप अपने वेबसाइट पर author profile का एक section create करें । ये ब्लॉग और बिजनेस दोनों तरह के वेबसाइट्स के लिए जरूरी है । वेबसाइट में जिसने आर्टिकल लिखा है उसके बारे में जानकारी लिखें । उस person की सोशल मीडिया profiles का लिंक दे ।
  2. अगर आप अपनी कोई खुद की ब्लॉग या वेबसाइट चला रहे हैं । तब आप अपने वेबसाइट में about us या about the author का एक पेज बनाएं । जिसमें आप अपने बारे में लिखें । अपना नाम लिखें, आप क्या करते हैं? कहां से हैं? आदि । साथ ही आप अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल का लिंक्स भी दे जिससे कि यूजर्स आपके साथ जुड़ सकें ।
  3. यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने की कोशिश करें । हमें वेबसाइट में सबसे ज्यादा फोकस अपने कंटेंट पर करनी चाहिए । जितनी अच्छी और बेहतर कंटेंट हम अपनी वेबसाइट पर पोस्ट करेंगें । जितनी ज्यादा यूजर्स को वैल्यू देंगें । उतने ज्यादा यूजर्स हमारे कंटेंट को पढ़ना पसंद करेंगें । और उतनी ज्यादा ट्रैफिक हमारे वेबसाइट पर आएगी ।
  4. आर्टिकल लिखते समय अगर आप किसी fact, blogs percentage, stats आदि की बात करते हैं । तो कोशिश करें उन facts, percentage को सही साबित करने की । आप उन sites, documents का लिंक दे । जिससे कि आपके द्वारा लिखा गया कंटेंट सही साबित होता हो । इससे वेबसाइट की authority बढ़ती है ।
  5. अगर आप guest post करते हैं । जिस भी वेबसाइट के आर्टिकल से आपके वेबसाइट को बैकलिंक मिल रही है । उस पोस्ट पर अपना author profile बनवाएं । अपने सोशल मीडिया के लिंक्स दे । जिससे कि यूजर्स को उस पोस्ट को लिखने वाले के बारे में पता चल सके । और लोग आपके कंटेंट और आपके बारे में अच्छे से जान सके ।
  6. आप अपने सोशल मीडिया के हर प्रोफाइल में अपने बारे में सही जानकारी दें । अगर आप एक डिजिटल मार्केटर हैं तो अपने Facebook account, LinkedIn profile, Twitter, Instagram आदि प्रोफाइल में डिजिटल मार्केटर  ही लिखें । इससे गूगल को आपके बारे में पता चलता है कि आप कौन हैं? क्या करते हैं? और किस फील्ड में आपको अच्छी जानकारी है । किस टॉपिक पर आप अच्छी और बेहतर जानकारी दे सकते हैं ।
  7. इंटरनेट में अपने वेबसाइट का presence अच्छा रखें । आपके वेबसाइट के negative reviews और negative comments आपके वेबसाइट के E-A-T स्कोर को कम कर सकती है । इन चीज़ों पर ध्यान दें ।

ये वो कुछ पॉइंट्स हैं जिसकी मदद से हम अपने वेबसाइट को बेहतर optimized कर सकते हैं । अपने वेबसाइट के expertise, authority और trust को अच्छा कर सकते हैं । अपने ब्लॉग, वेबसाइट को बेहतर रैंक करा सकते हैं ।


निष्कर्ष

गूगल कंटेंट क्वॉलिटी को चेक करने के लिए expertise authoritativeness, और trustworthiness ( E-A-T ) जैसे तीन फैक्टर को judge करके साइट को एक रैंकिंग स्कोर देगा । जिस वेबसाइट की E-A-T स्कोर बेहतर होगी । वह वेबसाइट SERP में बेहतर रैंक करेगी ।

इस आर्टिकल में हमनें गूगल के E-A-T रैंकिंग फैक्टर के बारे में जाना । E-A-T क्या है? और कैसे काम करता है? साथ ही किन बातों का ध्यान में रखकर हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट को बेहतर तरीके से optimized कर सकते हैं । बेहतर तरीके से यूजर्स के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं आदि के बारे में जानकारी हासिल की ।

आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी? हमें जरूर बताएं । साथ ही अगर आपको इस पोस्ट के संबंध में कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट कर के पूछ सकते हैं । साथ ही आप इस जानकारी को अपने किसी दोस्त, भाई, रिश्तेदार आदि को शेयर कर सकते हैं । जो डिजिटल मार्केटिंग के फील्ड में हैं । जो कोई ब्लॉग या वेबसाइट चलाते हैं ।

धन्यवाद


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