Google Possum, Fred और Mobile Algorithm क्या है?

अगर आप एक ब्लॉगर, डिजिटल मार्केटर हैं तो आपको गूगल के अलग अलग algorithms के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी अवश्य होगी कि आखिर Google algorithm क्या है? और कैसे काम करता है? इन algorithms के अपडेट होने से प्रायः हमारी वेबसाइट्स पर खासा असर देखने को मिलती है ।

इन अलग अलग algorithms से हमारी साइट काफी ज्यादा effect करती है । इन algorithms के अपडेट होने से प्रायः बहुत सारी वेबसाइट्स पर असर देखने को मिलती है । कुछ वेबसाइट्स की रैंकिंग कम हो जाती है तो वहीं कुछ वेबसाइट्स की रैंकिंग बहुत अच्छी हो जाती है ।ऐसा तभी होता है जब ये algorithms अपडेट होते हैं ।

वैसे तो गूगल के 200 से भी ज्यादा एल्गोरिथम हैं । जो लगातर अपडेट होते रहती है । इन algorithms को अपडेट करने का मकसद यूजर्स को लगातर valuable कंटेंट provide करने की होती है । साथ ही कोई भी गलत SEO प्रेक्टिस काम में न आए । इस मकसद से भी गूगल अपने एल्गोरिथम को अपडेट करते रहता है ।

Google Algorithms kya hai

इस आर्टिकल में हम आपको गूगल के ही तीन एल्गोरिथम के बारे में जानकारी देने वाले हैं । जिसमें Google Possum, Fred और Mobile Algorithm क्या है? और कैसे काम करता है? और साथ ही ये एल्गोरिथम किस तरह से हमारी वेबसाइट पर असर करती है आदि जानकारी आपको इस आर्टिकल में पढ़ने को मिलेगी । सबसे पहले हम गूगल के Possum algorithm के बारे में जानेंगे ।


Google Possum Algorithm क्या है?

Google Possum Algorithm 1 सितंबर, 2016 को लॉन्च की गई थी । यह algorithm Google My Business की लिस्टिंग को और भी ज्यादा बेहतर और रिफाइंड तरीके से यूजर्स के सामने introduce करने के उद्देश्य से लाया गया था । 

जैसा कि हमने आपको बताया की गूगल का Possum Algorithm अलग अलग businesses की लोकल लिस्टिंग को और भी बेहतर बनाने के लिए बनायी गई थी । इसे और भी बेहतर तरीके से जानने के लिए इसे हम दो तरीकों से समझेंगे । इन दो तरीकों से समझेंगे कि Google Possum से पहले और बाद में अब हमें कैसी रिजल्ट्स देखने को मिलती है ।

पहला तरीका: जब गूगल का Possum Algorithm introduce नहीं हुआ था । तब अगर कोई यूजर सर्च इंजन में "best coffee shop" कीवर्ड सर्च करता था तो उस यूजर के लोकेशन के जो भी coffee shops होती थी वो सारे के सारे यूजर्स को दिख जाती थी । अगर एक building में चार coffee shops हैं । तो यूजर्स को वो चारों shops एक ही लोकेशन और एक ही building पर दिखाई देती थी ।

इससे यूजर्स को confusion होती थी कि एक ही building की सारी coffee shops बेस्ट कैसे हो सकती है? Possum algorithm से पहले यूजर्स को कुछ इस तरह के रिजल्ट्स देखने को मिलती थी । जिससे यूजर्स को एक रिफाइंड और बेहतर रिजल्ट्स नहीं मिल पाती थी । इससे यूजर्स का एक्सपीरियंस भी बहुत खराब होता था ।

जब Possum Algorithm आया तब उसने Google My Business की लिस्टिंग को फिल्टर करने का काम किया । इससे अगर कोई एक building में एक से ज्यादा coffee shops होती है तो उस building की एक या दो ही shops यूजर्स को देखने को मिलती है । जो यूजर्स के लिए best होती है और साथ ही जो यूजर्स के लोकेशन के पास में ही होती है ।

साथ ही इससे किसी भी business की Google My Business की लिस्टिंग गायब भी नहीं हुई । अगर कोई एक बिल्डिंग में चार coffee shops हैं तो यूजर्स को उस बिल्डिंग का सिर्फ एक या दो ही रिजल्ट्स यूजर्स को दिखती है । और यूजर्स को बाकी के बचे हुए shops SERP वाले पेज में show more वाले बटन पर मिल जाती है ।

और इस तरह गुगल का Possum Algorithm अलग अलग लोकेशन के shops को फिल्टर करके यूजर्स को best रिजल्ट्स दिखाती है । जिससे कि यूजर्स का एक्सपीरियंस अच्छा हो सके । और यूजर्स को अच्छे और बेहतर रिजल्ट्स देखने को मिले ।

दूसरा तरीका: जब गूगल का Possum Algorithm नहीं आया था । तब यूजर्स को एक city से दुसरे city के Google My Business की जानकारी अच्छे से नहीं मिलती थी । जब कोई यूजर अपने city से किसी दुसरे city के best coffee shops के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहता था तो उसे किसी दुसरे सिटी के रिजल्ट्स अच्छे से नहीं मिलती थी ।

इस एल्गोरिथम के आ जाने से अब यूजर्स को एक सिटी से किसी दुसरे सिटी के भी Google My Business कि लिस्टिंग भी बेहतर तरीके से देखने को मिलती है । यह एक बड़ा बदलाव हुआ । जो कि गूगल के Possum Algorithm की वजह से पूरा हो सका ।


Google Fred Algorithm क्या है?

Google Fred Algorithm 8 मार्च, 2017 को लॉन्च किया गया था । यह algorithm thin content, आर्टिकल में content से ज्यादा ads और heavy links को चेक करने का काम करता है ।

जैसा कि आपको पता होगा की ब्लॉगिंग में ads की मदद से पैसा कमाया जाता है । जिसमें गूगल का adsence और बाकी ads platforms के ads को वेबसाइट्स में लगाकर पैसा कमाया जाता है । 

जब लोगों को ब्लॉगिंग बहुत अच्छे से समझ में आ गई । और लोगों ने जाना कि ब्लॉगिंग से अच्छा खासा पैसा कमाया जा सकता है । तब लोग ज्यादा पैसा कमाने के उद्देश्य से अपने आर्टिकल में कंटेंट से ज्यादा ads और affiliate links लगाने लगे । इससे यूजर्स को आर्टिकल में कंटेंट से ज्यादा लिंक्स और ads दिखाई देते थे । जब लोग गलत तरीकों से पैसा कमाने लगे तब गूगल को अपना Fred Algorithm लॉन्च करना पड़ा । 

अगर आप अपने ब्लॉग, वेबसाइट में कंटेंट से ज्यादा ads और affiliate links का इस्तेमाल करते हैं । तो गूगल का यह एल्गोरिथम आपके साइट पर खासा effect करने वाला है । इसलिए बेहतर है कि आप सबसे पहले अपने यूजर्स को पहली priority दे । उनके लिए अच्छे और फायदेमंद जानकारियां पोस्ट करें । फिर बाद में आप पैसा कमाने के बारे में सोचें । जब यूजर्स को आपकी वेबसाइट अच्छी लगेगी । आपके द्वारा लिखी गई जानकारियां यूजर्स के लिए फायदेमंद साबित होगी । तो automatically आपकी income अच्छी हो जायेगी ।


हमनें नीचे कुछ पॉइंट्स सुझाएं हैं । जिसे करके हम गूगल के Fred Algorithm से अपने साइट को सुरक्षित रख सकते हैं । 

  1. जैसा कि हमनें आपको बताया की गूगल का Fred Algorithm heavy ads को पसन्द नहीं करता है । इसलिए कोशिश करें कि आपके आर्टिकल में कंटेंट से ज्यादा ads का इस्तेमाल न किया गया हो ।
  2. आप अपने ब्लॉग को कभी भी जल्दी रैंकिंग के उद्देश्य से optimized न करें । Keywords Stuffing, Black Hat SEO techniques को कभी भी अपने वेबसाइट में यूज न करें ।
  3. आप जिस भी टॉपिक पर अपना आर्टिकल लिखते हैं । जैसे अगर आपका टॉपिक ब्लॉगिंग है । तो कभी भी ब्लॉगिंग से रिलेटेड बुक्स, कोर्सेज और विडियोज यूजर्स को लेने के लिए forced न करें । इसे भी गूगल का यह एल्गोरिथम अच्छा नहीं मानता है ।
  4. अगर आप ऐसा करते हैं तो गूगल का Fred एल्गोरिथम इसके लिए आपके ब्लॉग को penalized कर सकता है । इससे आपके ब्लॉग की रैंकिंग सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में कम हो सकती है ।
  5. कभी भी यूजर्स को अपने ब्लॉग से किसी ऐसे URLs पर Redirect करने की कोशिश न करें जो यूजर्स के लिए बिल्कुल भी उपयोगी नहीं होती है । जो यूजर्स के लिए वैल्यूएबल नहीं है । 


Google Mobile Algorithm क्या है?

Google Mobile Algorithm 21 अप्रैल, 2015 को लॉन्च किया गया था । यह algorithm मुख्य रूप से उन वेबसाइट्स को रैंकिंग देने के लिए बनाया गया था जो कि mobile-friendly हो । जो वेबसाइट मोबाईल पर बहुत जल्दी ओपन होती है ।

हमें हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि हमारी वेबसाइट अलग अलग गैजेट्स जैसे मोबाईल, टैबलेट, डेस्कटॉप, कंप्यूटर आदि में अच्छे से और जल्दी खुले । खासतौर पर मोबाईल devices पर क्योंकि आज के समय की बात करें तो आज इंटरनेट यूजर्स सबसे ज्यादा मोबाईल का इस्तेमाल करते हैं । आज दुनिया में मोबाईल से ही सबसे ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा है ।

Google Mobile Algorithm को और भी दुसरे नामों से जाना जाता है । जैसे Mobilegeddon, Mobilepocalyse, Mopocalypse और Mobocalypse । चूंकि यह एल्गोरिथम मुख्य तौर पर मोबाईल पर जल्दी ओपन होने वाली वेबसाइट्स को रैंकिंग देने के लिए बनाई गई थी । इसलिए इसे Google Mobile Algorithm के नाम से अधिक जाना जाता है । 

इसलिए कोशिश करें कि आपकी वेबसाइट अलग अलग गैजेट्स में अच्छे से ओपन होती हो । आप अपने वेबसाइट में responsive theme का यूज करें । जिससे कि आपके यूजर्स आपकी साइट को हर तरह के गैजेट्स में आसानी से एक्सेस कर सकें । और आपके आर्टिकल को बिना किसी परेशानी के अच्छे से पढ़ सकें ।


निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको गूगल के तीन एल्गोरिथम के बारे में जानकारी दी है । अगर आप ब्लॉगिंग और डिजिटल मार्केटिंग में अच्छा करना चाहते हैं । तो आपको इन algorithms के बारे में अच्छी जानकारी अवश्य होनी चाहिए । यह बहुत जरूरी है कि आपको गूगल के नए नए एल्गोरिथम अपडेट्स के बारे में अच्छी जानकारी हो ।

हमें उम्मीद है कि आपको हमारी पोस्ट Google Possum, Fred और Mobile Algorithm क्या है? से अच्छी जानकारी प्राप्त हुई होगी । आप चाहें तो इस जानकारी को अपने दोस्त, रिश्तेदार आदि को शेयर कर सकते हैं । जो कि ब्लॉगिंग और डिजिटल मार्केटिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ।

आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी? हमें कॉमेंट करके जरुर बताएं । साथ ही अगर आपको इस पोस्ट के संबंध में कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कॉमेंट जरूर करें ।

धन्यवाद 


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