गूगल का Penguin Algorithm क्या है?

अगर आप एक ब्लॉगर या डिजिटल मार्केटर हैं तो आपको गूगल के algorithms के बारे में पता होगा । गूगल के एल्गोरिथम इंटरनेट की हर वेबसाइट को स्कैन करके रैंकिंग डिसाइड करने का काम करती है । गूगल हर साल अपने algorithms में छोटे बड़े अपडेट्स करते ही रहता है ।

गूगल के बहुत सारे एल्गोरिथम हैं । जिसकी मदद से गूगल अपने यूजर्स को सबसे अच्छा और सबसे बेहतर रिजल्ट्स बहुत ही कम समय में प्रोवाइड करता है । ये अलग अलग एल्गोरिथम वेबसाइट की अलग अलग रैंकिंग फैक्टर्स को चेक करने का काम करती है ।

वेबसाइट की niche कौन सी है? वेबसाइट पर किस तरह का कंटेंट लिखा हुआ है? कंटेंट की क्वालिटी कैसी है? साइट की बैकलिंक कैसी है? और जो सबसे जरूरी यूजर्स को कितना अच्छा और बेहतर कंटेंट उपलब्ध करा रही है? आदि सारे फैक्टर्स को गूगल के अलग अलग algorithms चेक करने का काम करती है ।

सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस ( SERP ) में सिर्फ वही वेबसाइट्स ही रैंक कर पाती है । जो गूगल के गाइडलाइन को फॉलो करती है । जिसमें बेहतर SEO किया हुआ होता है । जो गूगल के algorithms के अनुसार होती है । और जो यूजर्स के लिए डिजाइन की हुई होती है । जो यूजर्स को अच्छा कंटेंट प्रोवाइड करने का काम करती है ।

गूगल के वैसे तो बहुत सारे एल्गोरिथम हैं । जो सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं वो Google Panda, Pigeon, Rankbrain, Hummingbird, Penguin आदि । ये हमारी वेबसाइट पर खासा असर करती है । ये सारे algorithms वेबसाइट को हर तरह से चेक करती है । और चेक करने के बाद साइट को एक रैंक देती है ।

Google Penguin Algorithm kya hai

इस आर्टिकल में हम मुख्य रूप से गूगल के Penguin algorithm के बारे में जानेंगे । गूगल का Penguin Algorithm क्या है? कैसे काम करता है? इससे बचे रहने के लिए हमें क्या करना चाहिए? जिससे कि हमारी वेबसाइट पर इसका गलत असर न पड़े आदि जानकारियां आपको इस आर्टिकल में पढ़ने को मिलेगी ।


गूगल का Penguin Algorithm क्या है?

गूगल का Penguin Algorithm 24 अप्रैल, 2012 को लॉन्च किया गया था । यह algorithm वेबसाइट की link building techniques, low quality backlinks और आर्टिकल में keyword stuffing जैसी चीजों को चेक करने का काम करती है ।

गूगल का Penguin Algorithm शुरुआत में एक टेस्टिंग टूल के तौर पर लॉन्च किया गया था । इसमें बहुत सारे सुधार किए गए । और फिर इस एल्गोरिथम को 2017 के शुरुआती साल में इसे गूगल के core algorithms में शामिल कर लिया गया । 

जैसा कि हमनें आपको बताया की गूगल का हर एल्गोरिथम सर्च रिजल्ट्स को बेहतर बनाने का काम करता है । जिससे कि सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस से यूजर्स को अच्छी और बेहतर कंटेंट मिलते रहें । गूगल का Penguin एल्गोरिथम मुख्य रूप से वेबसाइट की bad backlinks और keyword stuffing को चेक करता है । इसे हम नीचे और भी बेहतर तरीके से जानेंगे ।


Low-quality Backlinks कैसे होते हैं?

गूगल का Penguin Algorithm वेबसाइट द्वारा बनाएं जा रहे backlinks techniques को चेक करता है । वेबसाइट को जहां से बैकलिंक मिल रहा है । उस वेबसाइट की niche आपस में मिलती है या नहीं । लिंक देने वाली साइट की अपनी कोई अथॉरिटी है या नहीं आदि फैक्टर्स को गूगल का Penguin Algorithm चेक करता है ।

आप कभी भी ऐसे वेबसाइट्स से Backlinks न बनाएं जो आपके टॉपिक से मेल नहीं खाती हो । जैसे अगर आपकी वेबसाइट ब्लॉगिंग में है । तो कभी भी आप किसी दुसरे टॉपिक जैसे फिटनेस, tech, food आदि वेबसाइट्स से बैकलिंक बनाने की कोशिश न करें । ये low-quality और irrelevant backlinks की गिनती में जानी जाती है ।

किसी दूसरे टॉपिक की वेबसाइट से भले ही आपको बहुत सारी backlinks मिल जाए । जिसकी डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी भी अच्छी हो । गूगल की नजर में ऐसे वेबसाइट्स से बैकलिंक की कोई value नहीं होती है । इसे गूगल अच्छा नहीं मानता है कि आप किसी ऐसे वेबसाइट से बैकलिंक ले जो आपकी वेबसाइट से न मिलती हो । और साथ ही इससे वेबसाइट की रैंकिंग भी अच्छी नहीं होती है ।

जो नए ब्लॉगर्स होते हैं । वो अक्सर backlinks बनाने में गलती करते हैं । वो बैकलिंक की क्वालिटी से ज्यादा क्वांटिटी पर ज्यादा ध्यान देते हैं । और वेबसाइट को रैंक कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा बैकलिंक बना देते हैं । यह एक गलत SEO प्रेक्टिस है । और इसे हमें अपनी वेबसाइट के लिए avoid करनी चाहिए ।

आज इंटरनेट में बहुत सारे वेबसाइट्स ऐसे हैं । जो कुछ ही पैसों में आपके वेबसाइट के लिए बहुत सारे बैकलिंक बना देने के लिए ऑफर करती है । इससे हमें बचना चाहिए । क्योंकि ऐसे बैकलिंक artificial बोट्स की मदद से बनाई जाती है । जो कि स्पैमिंग का काम करती है ।

एक समय था जब गूगल किसी वेबसाइट को रैंक कराने के लिए backlinks की क्वांटिटी देखता था । पर आज के समय में गूगल बैकलिंक की क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी को देखता है । अगर आपकी वेबसाइट पर बहुत सारे बैकलिंक हैं । और उन बैकलिंक की क्वालिटी अच्छी नहीं है । तो वो सारे बैकलिंक आपके वेबसाइट को रैंक कराने में कोई भूमिका नहीं अदा करेगी । 

आप कोशिश करें कि आपके द्वारा बनाया गया बैकलिंक की क्वालिटी अच्छी हो । गूगल की नजर में बैकलिंक देने वाली वेबसाइट्स की अपनी कोई वैल्यू हो, अथॉरिटी हो । और साथ ही बैकलिंक मिलने वाली साइट का टॉपिक आपके साइट के टॉपिक से मैच करता हो । ये एक अच्छी और क्वालिटी बैकलिंक के लिए जरूरी होता है ।


Keyword Stuffing क्या है?

आर्टिकल में अपने main keyword को बार बार यूज करना keyword stuffing कहलाता है । किसी वेबसाइट को सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में जल्दी रैंक कराने के मकसद से कीवर्ड स्टफिंग को यूज में लाया जाता है । इसे गूगल का Panda और Penguin Algorithm चेक करता है । इसलिए कीवर्ड स्टफिंग को कभी भी अपने ब्लॉग, वेबसाइट में यूज न करें ।

अगर आप जरूरत से ज्यादा अपने आर्टिकल में अपने main कीवर्ड का यूज करते हैं । तो गूगल आपको इसके लिए पेनालाइज्ड कर सकता है । और साथ ही इससे आपकी वेबसाइट कभी भी रैंक नहीं कर पाएगी । Panda और Penguin एल्गोरिथम की नजर में यह एक गलत SEO प्रेक्टिस है । जिसे कि हमें अवॉइड करनी चाहिए ।

आप अपने आर्टिकल में जरूरत से ज्यादा main keyword का इस्तेमाल न करें । जिससे कि गूगल को यह लगे की आप आर्टिकल सिर्फ रैंक कराने के मकसद से लिख रहे हैं । आर्टिकल में उतना ही main कीवर्ड को यूज करें जिससे की आपके द्वारा लिखी गई आर्टिकल natural लगे और जो यूजर्स को पढ़ने में पसन्द आए ।

अगर किसी तरह आप कीवर्ड स्टफिंग का इस्तेमाल करके अपने साइट को SERP में रैंक भी करा लेते हैं । तो वह कुछ दिनों या कुछ महीनों तक के लिए ही रैंक कर पाएगी । वो इसलिए क्योंकि गूगल इन्ही black hat SEO techniques को रोकने के लिए अपने एल्गोरिथम को लगातर अपडेट करते रहता है । 

आज गूगल के एल्गोरिथम बहुत ही ज्यादा advanced हैं । पूरी तरह से AI ( Artificial Intelligence) based हैं । जो गलती हमें अपनी वेबसाइट में नहीं दिखाई देती है । उन्हें ये एल्गोरिथम तुरन्त पकड़ लेती है । इसलिए कोशिश करें कि आपकी वेबसाइट इन अलग अलग एल्गोरिथम से इफेक्ट न करें । और आपके साइट की रैंकिंग बनी रहे ।


निष्कर्ष

गूगल का Penguin Algorithm वेबसाइट की बैकलिंक और कीवर्ड स्टफिंग जैसे दो parameters को चेक करने के काम में लाया जाता है । ये सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस को और भी ज्यादा बेहतर बनाने में अपना अहम भूमिका अदा करती है । जिससे कि यूजर्स को अच्छे और क्वॉलिटी रिजल्ट्स बहुत ही कम समय में मिलते रहें ।

Google की पहली प्राथमिकता उनके यूजर्स हैं । और गूगल के सारे एल्गोरिथम यूजर्स को अच्छी और बेहतर क्वालिटी कंटेंट प्रोवाइड करने के लिए डिजाइन की गई है । जिससे यूजर्स का सर्च एक्सपीरियंस अच्छा हो सके । 

हमें हमेशा ही अपना आर्टिकल यूजर्स के लिए लिखनी चाहिए । और सर्च इंजन के लिए optimized करनी चाहिए । जिससे कि हमारा आर्टिकल यूजर्स और सर्च इंजन दोनों को अच्छे से समझ में आए । इससे हमारे आर्टिकल की रैंकिंग SERP में अच्छी होती है ।

आपको हमारी पोस्ट गूगल का Penguin Algorithm क्या है? और कैसे काम करता है? कैसी लगी हमें जरुर बताएं । साथ ही अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप हमें नीचे कमेंट कर सकते हैं । साथ ही आप इस पोस्ट को शेयर भी कर सकते हैं ।

धन्यवाद 

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