Bounce Rate और Exit Rate क्या है? कैसे कम करें

अगर आप ब्लॉगिंग कर रहे हैं । और साथ ही आपकी कोई वेबसाइट है । तो आपने Bounce Rate के बारे में सुना होगा । Bounce Rate का अधिक होना किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट के लिए अच्छी नहीं होती है । इससे हमारी वेबसाइट बहुत ही नेगेटिव तरह से इफेक्ट करती है ।

यह हमारी वेबसाइट को सर्च इंजन में अच्छी रैंकिंग हासिल नहीं करने देती है । इसके साथ ही Exit Rate का अधिक होना भी किसी भी वेबसाइट के लिए अच्छी बात नहीं होती है । Bounce Rate और Exit Rate दोनों आपस में बहुत ज्यादा एक जैसे ही हैं । इस आर्टिकल में हम SEO के इन्ही दो मुख्य फैक्टर के बारे में जानने वाले हैं ।

इस आर्टिकल में हम Bounce Rate और Exit Rate क्या है? कैसे कम करें? के बारे में आपको अच्छी जानकारी देने वाले हैं । साथ ही इसे कम करने के लिए हमें अपने ब्लॉग या वेबसाइट को किस तरह से डिजाइन करनी चाहिए? किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आदि के बारे में हम इस आर्टिकल में जानेंगे । 

Bounce Rate kya hai


Bounce Rate क्या है? ( What is Bounce Rate in Hindi )

जब कोई यूजर हमारे वेबसाइट के Landing page पर आता है । और वेबसाइट के किसी एक आर्टिकल को पढ़कर वापस चला जाता है । तो इसे bounce कहते हैं । और ऐसे यूजर्स के percentage को Bounce Rate कहते हैं । 

इसे एक उदाहरण से समझते हैं । अगर आपके वेबसाइट का bounce rate 40% है । तो इसका मतलब यह है कि आपके वेबसाइट के total visitors में से 40% यूजर्स ऐसे हैं । जो सिर्फ landing page से ही वापस चलें जाते हैं । जो सिर्फ आपके वेबसाइट के किसी एक आर्टिकल को ही पढ़ते हैं । और साइट से वापस चलें जाते हैं ।

अगर वेबसाइट के Landing Page की बात करें । तो यह वेबसाइट का कोई भी एक पेज हो सकता है । अगर कोई यूजर आपके home page पर पहले आता है । तो उस यूजर के लिए वह home page लैंडिंग पेज होगा ।

इसी तरह अगर बहुत सारे यूजर्स आपके वेबसाइट के किसी एक particular webpage पर जाते हैं । किसी एक particular आर्टिकल को पढ़ते हैं । तो उन सारे यूजर्स के लिए वह particular webpage landing page होगा । जो यूजर्स को सबसे पहले दिखाई देता है ।


Bounce Rate कैसे कम करें? ( How to reduce Bounce Rate in Hindi )

वेबसाइट पर bounce rate बहुत से कारणों से बढ़ता है । जिन्हें कि हमें ध्यान में रखने की जरूरत होती है । नीचे कुछ मुख्य कारण बताएं गए हैं । जिसे करके हम अपने साइट के बाउंस रेट को कम कर सकते हैं ।

Title और Meta Description सही रखें

जो सबसे पहले आता है । वह है आर्टिकल के लिए गलत title और meta description का इस्तेमाल करना । बहुत सारे नए ब्लॉगर्स अपने आर्टिकल को गलत कीवर्ड पर रैंक कराने की कोशिश करते हैं । और अपने आर्टिकल के title और meta description को आर्टिकल के कंटेंट से अलग रखते हैं ।

जब यूजर्स ऐसे title और description पर क्लिक करते हैं । तो यूजर्स किसी दूसरे टॉपिक वाले आर्टिकल पर चलें जाते हैं । जो यूजर्स के क्वेरी के रिलेवेंट नहीं होती है । ये यूजर्स को misguide करने का काम करती है । और साथ ही इससे वेबसाइट की online reputation भी खराब होती है । ऐसा कभी भी करने की कोशिश न करें ।


वेबसाइट का Load Time कम रखें

जिस भी वेबसाइट का Load Time कम होता है । वह वेबसाइट एक तरह से गूगल के सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस ( SERP ) पर ज्यादा रैंक कर पाती है । अगर आपके वेबसाइट को load होने में अधिक समय लग रहा है । तो यूजर्स आपके वेबसाइट को छोड़कर किसी दुसरे जल्दी ओपन होने वाली वेबसाइट पर चला जाएगा । 

ये वेबसाइट के bounce rate को सबसे ज्यादा बढ़ाने का काम करता है । इसलिए हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि हमारे वेबसाइट का load time कम हो । वेबसाइट में इमेजेस को compress करके आर्टिकल में यूज करनी चाहिए । बड़े साइज के इमेजेस को लोड होने में अधिक समय लगता है । ये साइट की load time को बढ़ाती है ।


Quality Content लिखें

अगर आपके आर्टिकल का title और meta description बहुत अच्छा है । जो यूजर्स को बहुत ज्यादा attract कर रहा है । और साथ ही आपके वेबसाइट का load time भी बहुत कम है । लेकिन अगर आपके आर्टिकल के कंटेंट से यूजर्स satisfied नहीं हो रहें हैं । तो इससे भी हमारे साइट का bounce rate बढ़ता है । 

ये सबसे बड़ा कारण है । वेबसाइट के bounce rate को increase करने का । हमें सबसे ज्यादा फोकस अपने आर्टिकल के कंटेंट पर करनी चाहिए । जितनी अच्छी और क्वालिटी कंटेंट हम साइट पर पोस्ट करेंगें । जो यूजर्स के relevant होगी । जो यूजर्स को अच्छी जानकारी देती हो । उतने ज्यादा यूजर्स हमारे कंटेंट को पढ़ना पसंद करेंगें ।


Website का Format सही रखें

हमें हर तरह से यह कोशिश करनी चाहिए कि हमारे यूजर्स को हमारी वेबसाइट का format अच्छे से समझ में आए । वेबसाइट का navigation सही रखें । यूजर्स को एक पेज से दूसरे पेज में जाने में परेशानी न हो । आर्टिकल में heading और subheadings का सही से यूज करें ।

अपने आर्टिकल के main keyword को bold करें । छोटे paragraphs में आर्टिकल लिखें । आर्टिकल में इमेजेस का यूज करें । जिससे कि यूजर्स को आपका आर्टिकल पसंद आए । वेबसाइट में infographics का यूज करें । यह यूजर्स को बहुत ज्यादा पसंद आता है । और साथ ही इससे हमारे वेबसाइट की ट्रैफिक भी अच्छी होती है ।


Mobile Friendly webpages रखें

आज के समय में सबसे ज्यादा इंटरनेट का यूज mobile devices पर किया जा रहा है । आज दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाईल यूजर्स हैं । जो इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए mobile का यूज करते हैं । इसलिए हमें हमारे वेबसाइट को mobile-friendly बनाना चाहिए । 

आप अपने वेबसाइट के theme को responsive रखें । जो हर तरह के devices जैसे मोबाईल, कंप्यूटर, लैपटॉप और टैबलेट में आसानी से ओपन होती हो । जिससे कि यूजर्स को आपके वेबसाइट को किसी भी तरह के devices में एक्सेस करने में कोई परेशानी न होती हो ।

ये कुछ मुख्य कारण हैं । जो हमारे वेबसाइट के bounce rate को बढ़ाती है । हमें इन सारे पॉइंट्स को ध्यान में रखना चाहिए । 

Exit Rate kya hai


Exit Rate क्या है? ( What is Exit Rate in Hindi )

जब यूजर हमारे वेबसाइट के Landing Page पर आता है । और landing page से हमारे बाकि के webpage को पढ़कर साइट से निकलता है । तो इसे exit कहते हैं । और इन यूजर्स के percentage को exit rate कहते हैं ।

दूसरे शब्दों में: जब यूजर्स हमारे वेबसाइट के एक से ज्यादा webpages पर visit करता है । एक से ज्यादा आर्टिकल को पढ़ता है । और कुछ समय बाद वह हमारे वेबसाइट से निकल जाता हैं । तो इसे site से एग्जिट होना कहते हैं । और एक से ज्यादा वेबपेज या आर्टिकल को पढ़ने वाले यूजर्स के percentage को exit rate कहा जाता है । 


Exit Rate कैसे कम करें? ( How to reduce Exit Rate in Hindi )

हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा यूजर्स हमारे वेबसाइट पर आए । और ज्यादा से ज्यादा हमारे webpages को पढ़ें । जिससे हमारे वेबसाइट का bounce rate और exit rate न बढ़े । नीचे कुछ मुख्य पॉइंट्स दिए गए हैं । जिसकी मदद से हम इन दो SEO फैक्टर्स के percentage को कम कर सकते हैं ।

आर्टिकल में interlinking करें

वेबसाइट के एक आर्टिकल को वेबसाइट के दूसरे आर्टिकल के साथ link करना interlinking कहलाता है । सर्च इंजन में वेबसाइट की अच्छी performance के लिए interlinking करना बहुत ज्यादा जरूरी होता है ।

जब यूजर्स कोई क्वेरी सर्च करके हमारे वेबसाइट पर आते हैं । हमारे आर्टिकल को पढ़ते हैं । और अगर हम अपने एक आर्टिकल को उसी से मिलते जुलते आर्टिकल के साथ interlinking करते हैं । तो चांसेस काफी ज्यादा बढ़ जाती है कि यूजर्स अपने क्वेरी के बारे में और ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए वह लिंक पर क्लिक करें । 

यह एक अच्छी SEO प्रेक्टिस है । अगर हम अपने आर्टिकल में interlinking करते हैं । इससे यूजर्स ज्यादा से ज्यादा हमारे आर्टिकल्स को पढ़ते हैं । इससे हमारे साइट का bounce rate और exit rate भी कम होता है । साथ ही इससे हमारे वेबसाइट की ट्रैफिक भी अच्छी होती है । 


Irrelevant Backlinks न बनाएं

कभी भी ऐसी वेबसाइट से backlink बनाने कि कोशिश न करें । जो आपके niche से मेल न खाती हो । जो आपके टॉपिक से मैच न करती हो । यह हमारी वेबसाइट के लिए अच्छी नहीं होती है । इससे वेबसाइट कभी भी SERP में रैंक नहीं कर पाती है । साथ ही गूगल की नजर में इस तरह के Backlinks की कोई value नहीं होती है ।

जैसे अगर आपकी वेबसाइट blogging पर है । और आपको किसी high डोमेन अथॉरिटी वाली fitness वेबसाइट से बैकलिंक मिलती है । तो fitness वेबसाइट के यूजर्स आपके वेबसाइट के बैकलिंक पर क्लिक करके आपके साइट पर आएंगे । और जैसे ही उन यूजर्स को आपकी वेबसाइट blogging वाली मिलेगी । यूजर्स तुरन्त ही आपकी वेबसाइट से एग्जिट कर जायेंगे । 

वो इसलिए क्योंकि blogging और fitness वेबसाइट का आपस में कोई relevancy नहीं है । इसलिए कभी भी ऐसी वेबसाइट से बैकलिंक न ले और न ही किसी दुसरे टॉपिक वाली साइट पर बैकलिंक बनाने की कोशिश करें ।


Single Page वाली वेबसाइट का होना

Single Page वाली वेबसाइट्स पर bounce rate हमेशा ही ज्यादा रहता है । Single Page की वेबसाइट होने से यूजर्स सिर्फ एक ही पेज को पढ़ पाते हैं । और एक ही पेज को पढ़कर साइट से exit कर जाते हैं । 

ये कुछ मुख्य पॉइंट्स हैं । जिसे कि ध्यान में रखकर हम अपने वेबसाइट के bounce rate और exit rate को कम कर सकते हैं ।


निष्कर्ष

जब यूजर्स हमारे वेबसाइट के landing page से वापस चलें जाते हैं । तो वह bounce कहलाता है । और जब यूजर्स हमारे वेबसाइट के landing page से बाकि के webpages को भी visit करते हैं । और साइट से चलें जाते हैं तो वह exit कहलाता है । और जब इन सारे यूजर्स का percentage निकाला जाता है । तो वह क्रमशः bounce rate और exit rate कहलाता है ।

हम आपको बता दें कि हर बार वेबसाइट के bounce rate का अधिक होना साइट पर गलत effect नहीं करता है । अगर यूजर्स को सिर्फ एक आर्टिकल से ही अच्छी और पूरी जानकारी मिल रही है । तो सीधी सी बात है यूजर्स वेबसाइट के बाकि आर्टिकल्स को क्यों पढ़ना चाहेगा । बाकि के webpages पर क्यों विजिट करना चाहेगा ? लेकिन अगर आपके वेबसाइट का bounce rate 70% से अधिक है । तब आपको इस पर ध्यान देने की जरूरत है । 

हमें उम्मीद है कि आपको हमारी यह पोस्ट Bounce Rate और Exit Rate क्या है? कैसे कम करें? से अच्छी जानकारी प्राप्त हुई होगी । अगर अभी भी आपके मन में इस पोस्ट को लेकर कोई सवाल है । तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते हैं । साथ ही आप इस पोस्ट को अपने दोस्त, भाई, रिश्तेदार आदि को शेयर कर सकते हैं । जो कि ब्लॉगिंग या डिजिटल मार्केटिंग कर रहे हैं ।

धन्यवाद


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