Black Hat SEO और White Hat SEO में क्या अंतर है?

जब भी बात अपने वेबसाइट को रैंक कराने की आती है तो सामान्यता हमारे मन में SEO का ख्याल आता है । क्योंकि एक SEO ही है जिसे करके हम अपनी वेबसाइट को SERP ( Search Engine Results Pages ) में रैंक कराते हैं । साथ ही साइट की visibility को भी बढ़ाते हैं ।

SEO एक long term प्रोसेस है । जिससे हम अपनी वेबसाइट को SERP में बेहतर स्थान पर रैंक कराते हैं । ये एक प्रेक्टिस है जिसे की हमें अपने वेबसाइट के लिए लगातर करने की जरूरत होती है ।

हालांकि जो short term SEO प्रैक्टिसेस होती है । जो कि बहुत कम समय अंतराल में किया जाता है । और जिसे करने पर हमें अपनी वेबसाइट पर instant रिजल्ट्स ( ट्रैफिक ) देखने को मिलती है। वह Black Hat SEO प्रैक्टिसेस की मदद से की जाती है ।

Black Hat SEO एक short term प्रोसेस होता है । जो SEO का ही एक रूप है । यह हमारी साइट पर बहुत कम समय के लिए ही प्रभावी होता है । SEO में इसे एक गलत रैंकिग techniques के तौर पर जाना जाता है । क्योंकि यह गलत तरीके से रैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए उपयोग में लाई जाती है ।

इस पोस्ट में हम Black Hat SEO और White Hat SEO में क्या अंतर है? के बारे में जानेंगे । और साथ ही यह भी जानेंगे कि वो कौन - कौन से Black Hat SEO techniques है जिन्हे की हमें अपने वेबसाइट पर कभी भी यूज नहीं करनी चाहिए । 


SEO के प्रकार ( Types of SEO in Hindi )

SEO को प्रायः तीन भागों में बांटा गया है । 

  1. Black Hat SEO
  2. White Hat SEO
  3. Grey Hat SEO

इन तीनों SEOs में जो सबसे ज्यादा चर्चित SEO है वह है Black Hat SEO और White Hat SEO । सबसे पहले हम White Hat SEO के बारे में जानेंगे कि आखिर White Hat SEO क्या है?


White Hat SEO क्या है? 

White Hat SEO एक ethical SEO प्रेक्टिस हैं । Ethical कहने का मतलब जो कि सर्च इंजन जैसे गूगल द्वारा पसंद किए जाते हैं । जो हमारे वेबसाइट के लिए सही SEO प्रेक्टिस है । जिसे की हमें अपने वेबसाइट में यूज करना चाहिए ।

White Hat SEO सर्च इंजन की सारी रैंकिंग guidelines को फॉलो करता है । यह एक slow process है । जिसे करने के बाद हमें अपनी वेबसाइट पर तुरन्त रिजल्ट ( ट्रैफिक ) देखने को नहीं मिलती है । 

ये भले ही एक slow process है । पर इसे करके हमें अपनी वेबसाइट पर long term के लिए ग्रोथ देखने को मिलती है । हमें हमेशा ही अपने वेबसाइट, आर्टिकल्स पर white hat SEO techniques को ही यूज में लानी चाहिए । यह यूजर्स को हमारी साइट पर बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए किया जाता है ।


Black Hat SEO क्या है?

Black Hat SEO एक unethical SEO प्रेक्टिस है । जो कि सर्च इंजन के guidelines द्वारा मान्य नहीं है । यह किसी भी सर्च इंजन के guidelines को फॉलो नहीं करती है । इसलिए इसे कोई भी सर्च इंजन बिल्कुल भी recommend नहीं करता है । ये सिर्फ और सिर्फ वेबसाइट को जल्दी रैंक कराने के मकसद से किया जाता है । जो कि बिल्कुल भी सही नहीं है ।

Black Hat SEO प्रैक्टिसेस, और techniques का इस्तेमाल करके भले ही आपको अपने वेबसाइट पर instant रिजल्ट्स देखने को मिले । परन्तु यह long term growth के लिए किसी भी तरह के वेबसाइट के लिए बिल्कुल भी उपयोगी नहीं होती है ।

अगर आप अपने वेबसाइट को जल्दी रैंक कराने के लिए Black Hat SEO techniques का इस्तेमाल करते हैं तो आपको गूगल इसके लिए penalized कर सकता है । और साथ ही आपके वेबसाइट को ब्लैक listed भी कर देगा । Black लिस्टेड होने पर आपकी साइट फिर किसी भी कीवर्ड पर रैंक नहीं कर पाएगी । इसलिए बेहतर है कि आप इसे अपने वेबसाइट में बिल्कुल भी यूज न करें ।


Grey Hat SEO क्या है? ( Grey Hat SEO in Hindi )

Grey Hat SEO, white hat SEO और black hat SEO का combination है । जहां 95% white hat SEO को यूज में लाया जाता है और बाक़ी 5% black hat SEO techniques को यूज किया जाता है ।

Grey Hat SEO techniques भी हमारी साइट के लिए अच्छी नहीं होती है । भले ही इसमें white hat SEO का प्रतिशत ज्यादा हो । आप केवल उन techniques को ही अपने ब्लॉग, वेबसाइट में यूज करें जिससे कि यूजर्स का experience आपके वेबसाइट के प्रति अच्छी हो सके ।

अगर किसी तरह Grey Hat SEO techniques का इस्तेमाल करके आप SERP में रैंक भी कर लेते हैं तो वह बस कुछ ही समय के लिए प्रभावी होगा । क्योंकि सर्च इंजन के algorithms लगातर अपडेट होते रहते हैं । जिससे किसी भी तरह के black hat SEO techniques काम में नहीं आती है ।


Black Hat SEO White Hat SEO Hindi

Black Hat SEO और White Hat SEO में क्या अंतर है?

Black Hat SEO और White Hat SEO दोनों ही SEO प्रैक्टिसेस हैं । जिसमें white hat SEO सर्च इंजन की सारी SEO guidelines को फॉलो करके, यूजर्स के experience को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है । वहीं black hat SEO सिर्फ़ रैंकिंग के उद्देश्य से किया जाता है । और यह किसी भी तरह के सर्च इंजन guidelines के अनुसार नहीं होता है । इन दोनों SEO प्रैक्टिसेस के बारे में हम नीचे और भी अच्छे तरीके से जानेंगे ।


White Hat SEO techniques in Hindi

  1. White Hat SEO प्रैक्टिसेस में हम किसी भी तरह के shortcuts और false method का यूज नहीं करते हैं । जिससे की हमारी वेबसाइट SERP में जल्दी रैंक हो जाए ।
  2. ये पूरी तरह से सर्च इंजन के नियमों के अनुसार किया जाता है । सर्च इंजन के guidelines में प्रायः यह बताया गया है कि हमें अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन रिजल्ट्स पेजेस में रैंक कराने के लिए क्या करना चाहिए? और क्या नहीं करना चाहिए ।
  3. सर्च इंजन हमेशा यह चाहता है कि हम अपने यूजर्स के experience को बेहतर बनाएं । उन्हें अच्छा और बेहतर कंटेंट प्रोवाइड करें । जो कि white hat SEO के द्वारा किया जाता है । इसमें हम सर्च इंजन के अनुसार अपने साइट का SEO करते हैं ।
  4. हो सकता है कि white hat SEO techniques में आपको अपनी वेबसाइट पर जल्दी रिजल्ट्स देखने को न मिले । ये एक slow रैंकिंग प्रोसेस है । जो कि वेबसाइट की long-lasting ग्रोथ के लिए किया जाता है । 
  5. जब भी कभी आपकी वेबसाइट व्हाइट हैट SEO प्रैक्टिसेस करने के बाद SERP पर रैंक करेगी तो वह लंबे समय तक अपने पोजिशन पर बनी रहेगी । इसलिए बहुत सारे ब्लॉगर और SEO experts हमें व्हाइट हैट SEO करने की सलाह देते हैं ।
  6. हमें हमेशा ही उन SEO प्रैक्टिसेस को करनी चाहिए जिससे कि यूजर्स का experience अच्छा हो सके । इन SEO techniques से हमारी वेबसाइट की एक तरह से सर्च इंजन पर अथॉरिटी बढ़ती है । और साथ ही यूजर्स का trust भी हमारी साइट पर बढ़ती है । इससे यूजर्स की नजर में हमारे साइट की एक वैल्यू increase होती है ।
  7. व्हाइट हैट SEO techniques हमारे साइट की online reputation को बढ़ाने का काम करती है । जिससे कि सर्च इंजन की नजर में हमारी साइट की वैल्यू increase होती है । 


Black Hat SEO techniques in Hindi

हमने नीचे कुछ ब्लैक हैट SEO techniques के बारे में जानकारी देने की कोशिश की है । जिसे की हमें गलती से भी अपने वेबसाइट पर यूज नहीं करनी है । 

Article Spinning: जब भी हम अपनी साइट पर किसी दुसरे साइट के आर्टिकल को article spinning साइट्स और bots की मदद से उस आर्टिकल को spin करके उससे मिलते जुलते आर्टिकल में बदलकर अपनी वेबसाइट पर अपलोड करते हैं तो वह article spinning कहलाता है । 

Article Spinning साइट्स किसी आर्टिकल के words को उसके मिलते जुलते words और synonyms में बदलने का काम करती है । जो कि पूरी तरह से artificial bots के द्वारा किया जाता है । 

Article Spinning करने से हमारे पास एक नए तरह का आर्टिकल generate हो जाता है । जो कि original article के वर्ड्स को बदलकर किया जाता है । ऐसा करने से हमारे पास बस कुछ ही मिनटों में एक नया आर्टिकल जेनरेट हो जाता है । 


Hidden Text: ये एक नए तरह का कीवर्ड stuffing कहलाता है । जो कीवर्ड को छुपाने के लिए किया जाता है । जैसे अगर हम किसी black text पर black background लगाते हैं तो वह टेक्स्ट hide हो जाएगी । 

ये कीवर्ड stuffing है । ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि यूजर्स को एक ही कीवर्ड बार बार न दिखें । और उनका experience ख़राब न हो । ऐसा करना हमारी साइट के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होती है ।

इससे यूजर्स के experience के साथ साथ सर्च इंजन की नजर में भी हमारी साइट का ग़लत impact पड़ता है । ये मुख्य रूप से SERP में रैंकिग के उद्देश्य से किया जाता है । 

ये भी एक गलत SEO प्रेक्टिस है । जिसे कि हमें avoid करनी चाहिए ।


Hidden Links: जैसा कि हमने आपको hidden text के बारे में बताया । जिसमें टेक्स्ट का colour और उसी टेक्स्ट के background का colour एक ही होता है । ठीक इसी टेक्स्ट में अगर हम hyperlink लगाते हैं, तो यह लिंक hidden links कहलाता है । 

कई बार ऐसा भी होता है कि हम hyperlink किसी anchor text में न लगाकर किसी एक symbol पर लगा देते हैं । जैसे "anchor-text" इस कीवर्ड में अगर हम सिर्फ hyphen ( "-" ) में लिंक लगाते हैं तो यह भी hidden links कहलाता है । जिसे कि हमें अपने वेबसाइट में कभी भी यूज नहीं करनी चाहिए ।


Cloaking: जब हम अपनी वेबसाइट को किसी गलत कीवर्ड के लिए रैंक कराते हैं तो यह cloaking कहलाता है । जैसे कि अगर आपकी साइट blogging पर है । जिसमें आप ब्लॉगिंग से रिलेटेड आर्टिकल्स पब्लिश करते हैं ।

अगर आप किसी black hat SEO techniques की मदद से किसी दुसरे तरह के कीवर्ड जैसे "best laptop" को सर्च इंजन में रैंक कराया । और अगर कोई यूजर best laptop कीवर्ड सर्च करता है तो उसे आपकी वेबसाइट टॉप पर नजर आती है । तो सीधी सी बात है कि यूजर आपकी साइट पर आएगा ।

चूंकि आपकी साइट ब्लॉगिंग पर है तो यूजर को उसके relevant कंटेंट्स नहीं मिलेंगे । और वह तुरंत ही आपकी साइट से वापस आ जाएगा । इसे cloaking कहा जाता है । जिसमें रैंक कर रहे कीवर्ड और उस कीवर्ड पर क्लिक करने पर आर्टिकल्स किसी दुसरे टॉपिक पर लिखी हुई मिलती है । 


Paid Links: अगर आप ब्लॉगिंग सीख रहें हैं तो आपको कभी न कभी ऐसे ads या वेबसाइट्स दिखी होगी जो बस कुछ ही समय में आपकी साइट के लिए बहुत सारे बैकलिंक बनाने का दावा करते हैं । ये बैकलिंक पूरी तरह से बोट्स के द्वारा बनाया जाता है । 

Paid Links में artificial बोट्स मात्र एक से दो दिन में आपकी साइट के links को हजारों साइट्स के वेबपेज के साथ जोड़ने का काम करती है । और इसके लिए आपको कुछ पैसे भी चुकाने पड़ते हैं । यह SEO की नजर से बिल्कुल भी सही नहीं है कि आप अपने वेबसाइट के लिए unnatural तरीके से बैकलिंक बनाएं । 

ये पूरी तरह से गूगल को हमारी साइट की तरफ आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जाता है । इन लिंक्स की मदद से गूगल को यह बताने की कोशिश की जाती है कि इस वेबसाइट की लिंक इंटरनेट में अलग अलग साइट्स पर मौजूद है । और गूगल इसे तुरंत SERP में रैंक करा दे ।

लेकिन ऐसा नहीं होता है । ये तरीके भले ही 5-6 साल पहले काम में आ जाती थी । लेकिन आज के समय की बात करें तो आज गूगल के bots और algorithms इतने advanced हो चुके हैं कि वे इस तरह के किसी भी techniques को तुरंत पहचान लेती है । 


अगर आज के समय की बात करें तो आज गूगल के 200 से भी ज्यादा रैंकिंग algorithms हैं । जिनमें Google Panda, Penguin, Hummingbird, Possum, Fred, Pigeon, Rankbrain, Mobilegeddon आदि रैंकिंग algorithms हैं ।

ये रैंकिंग फैक्टर्स AI ( Artificial intelligence ) बेस्ड हैं । जो कि पूरी तरह से spamming को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है । ये फैक्टर्स हमारे साइट की सभी पैरामीटर्स को चेक करके साइट की रैंकिंग डिसाइड करने का काम करती है । इसलिए बेहतर है कि आप किसी भी गलत SEO techniques का इस्तेमाल करके अपने साइट को जल्दी रैंक कराने की कोशिश न करें । 


निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको सबसे ज्यादा चर्चित SEOs के बारे में बताया । जिसमें black hat SEO techniques स्पेमिंग को बढ़ावा देने का काम करती है । वहीं दूसरी तरफ white hat SEO techniques यूजर्स को एक बेहतर कंटेंट उपलब्ध कराने के काम में उपयोग की जाती है । 

White Hat SEO सर्च इंजन के नियमों, गाइडलाइंस के अनुसार की जाती है । जिसमें कि हम अपने वेबसाइट को पूरी तरह से यूजर्स के लिए डिजाइन करते हैं । जो पूर्ण रूप से यूजर्स को एक अच्छा और बेहतर कंटेंट उपलब्ध कराने के लक्ष्य से किया जाता है । जो कि सर्च इंजन की नजर में एक सही SEO प्रेक्टिस है । जो कि पूरी तरह से मान्य है ।

गूगल हमेशा यह चाहता है कि यूजर्स को उनके according अच्छी और उनके relevant कंटेंट मिले । जिससे कि यूजर्स का experience अच्छा हो । जो वेबसाइट, आर्टिकल यूजर्स को पसंद आते हैं । वह automatically गूगल को भी पसंद आती है क्योंकि गूगल की पहली priority उनके यूजर्स ही हैं ।

जब हम अपनी वेबसाइट को सिर्फ़ यूजर्स के लिए डिजाइन करते हैं, उसमें अच्छे-अच्छे आर्टिकल्स पोस्ट करते हैं । साइट पर अच्छा SEO करते हैं । तो automatically गूगल की नजर हमारे साइट पर पड़ती है । और हमारे साइट के रैंक होने के chances काफी ज्यादा बढ़ जाती है । 

हम आशा करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट Black Hat SEO और White Hat SEO में क्या अंतर है? से अच्छी जानकारी प्राप्त हुई होगी । अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो या आप इस पोस्ट के संदर्भ मे कुछ कहना चाहते हैं तो आप हमें नीचे कमेंट कर सकते हैं ।

साथ ही आप इस पोस्ट को अपने दोस्त, रिश्तेदार जो ब्लॉगिंग, SEO और digital marketing सीख रहें हैं उन्हें शेयर कर सकते हैं । हमें खुशी होगी ।

धन्यवाद 


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