SEO में Redirect 301 और 302 क्या है

Blogging में जब आप अपने वेबसाइट के किन्हीं पेजेस को डिलीट कर देते हैं या इन पेजेस को किसी दूसरे पेज पर redirect कर दिया जाता है, तब redirect 301 और 302 की जरुरत पड़ती है ।

अगर आप एक Blogger हैं तो आपको 301 और 302 redirects की जानकारी होना जरुरी है । यह SEO के नजरिए से भी जरुरी होता है की आपको इनकी जानकारी हो ।

Redirect 301, 302 in SEO hindi

Redirects बहुत तरह के होते हैं जैसे 307, 401, 404 आदि । पर इस आर्टिकल में आप 301 और 302 redirects के बारे में जानेंगे जो किसी भी ब्लॉगर चाहे वह नया हो या पुराना कम से कम इन दो redirects की जानकारी होनी ही चाहिए ।


Redirects क्या है?

जब यूजर या गूगल को हम किसी particular पेज की लोकेशन को किसी दूसरे location वाली पेज में भेजते हैं तो यह redirects कहलाता है । इसकी मदद से यूजर और सर्च इंजन को किसी दूसरे URL पर भेजा जाता है ।

Redirects की जरुरत तब होती है जब हम कोई पेज में किसी भी तरह के बदलाव करते है जैसे पेज को अपडेट करना, डिलीट, किसी भी तरह के changes करते हैं । तो  पेज के पुराने URLs सर्च इंजन से नहीं हटते है, डिलीट हो जाने पर पुराने URLs  सर्च इंजन में बने रहते हैं ।

जिससे जब कोई यूजर उसी पेज पर दुबारा जाने की कोशिश करता है तो उसे errors दिखाई देता है । इसी तरह Google या किसी अन्य सर्च इंजन को भी इस पेज के URL में किसी भी तरह के बदलाव हो जाने के कारण नहीं दिख पता है ।

यूजर और crawler को किसी भी तरह से हमारे पेज को एक्सेस करने में परेशानी ना हो इसके लिए हम redirects को यूज करते हैं ।


301 Redirect क्या है?

जब हमारा कोई पेज किसी दुसरे जगह पर हमेशा के लिए शिफ्ट हो जाता है तब 301 redirect को यूज किया जाता है ।

जैसे अगर आपका कोई पेज www.example.com/page1 है और आप इस के URL में बदलाव कर इसको हमेशा के लिए www.example.com/page2 कर देते हैं तब आपको इस redirect को यूज करने की जरूरत पड़ती है ।

इसके द्वारा हम अपने किसी भी पेज की लोकेशन को हमेशा के लिए बदल देते हैं । जिससे गूगल के crawler या फिर किसी दूसरे search engine के crawler, यूजर को हमारे किसी भी पेज को एक्सेस करने में परेशानी नहीं होती है ।

इसमें जो आपके पुराने वाले URLs के जितने भी लिंक्स होते हैं या यूं कहें कि backlinks होते हैं वो भी नए वाले Url में शिफ्ट हो जाती है ।

पुराने वाले Url के links की जो वैल्यू होती है वह 90 से 99.9% तक नए वाले Url में चली जाती है । इसमें नए वाला Url को गूगल में index की जाती है ।

आप इसकी मदद से सिर्फ़ पेजेस ही नहीं बल्कि आप इसका यूज करके किसी डोमेन के एड्रेस को भी किसी दूसरे डोमेन के एड्रेस पर हमेशा के लिए शिफ्ट कर सकते हैं ।

अगर आपके डोमेन के address में किसी भी तरह के बदलाव होते हैं । जैसे अगर आपने अपने डोमेन के लिए शुरुआत में SSL certificate ना लेकर बाद में वेबसाइट के लिए इस सर्टिफिकेट को खरीदते हैं तब भी आपको 301 Redirect की जरुरत पड़ती है ।


302 Redirect क्या है?

यह 301 की ही तरह पेज के लोकेशन को बदलने के लिए यूज किया जाता है पर 302 redirect कुछ ही समय के लिए यूज किया जाता है । यह permanent शिफ्टिंग के लिए नहीं होता है ।

इसकी जरुरत सामान्यता तब होती है जब आप अपने किसी पेज को अपडेट करते हैं । जब तक पेज अपडेट नहीं हो जाता तब तक आप यूजर और क्रोलर को किसी दूसरे पेज पर Redirect कर देते हैं । अपडेट हो जाने पर 302 redirect की जरुरत नहीं होती है और फ़िर यह यूजर और गूगल के crawler को अपडेट किया हुआ वाला पेज ही दिखता है ।

इसमें किसी भी तरह के लिंक में कोई बदलाव नहीं होता है क्योंकि यह बस कुछ ही समय के लिए यूज किया जाता है ।
इसमें यूआरएल को इंडेक्स करने की कोई जरुरत नहीं पड़ती है ।


निष्कर्ष
301 और 302 redirects की जानकारी प्रायः किसी भी ब्लॉगर को आनी ही चाहिए इससे भी ज्यादा जरूरी है इनकी अच्छी जानकारी होना कि कौन सा Redirect को कब यूज किया जाता है ।

इस आर्टिकल में हमने आपको इन दो redirects के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो या आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ बताना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं ।
धन्यवाद

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ